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ग्रामीण क्षेत्र मे भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को दिया जायेगा आर्थिक अनुदान राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना।

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राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

ग्रामीण क्षेत्र मे भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को दिया जायेगा आर्थिक अनुदान

प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी किया परिपत्र

कवर्धा, 19 अगस्त 2021। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को कई ऐतिहासिक सौगातें दी। जिसमें राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना वृत्तीय वर्ष 2021-22 से प्रारंभ किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र मे भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की पहचान करना तथा भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को वार्षिक आधार पर आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराना है। जिससे की आर्थिक अनुदान के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय मे वृद्धि हो सके। योजनांतर्गत अनुदान सहायता राशि मे अंतिम रुप से चिन्हांकित हितग्राही परिवार के मुखिया को राशि 6000 रु. अनुदान सहायता राशि प्रतिवर्ष दी जायेगी। इस संबंध मे प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सोमवार 16 अगस्त को कलेक्टरों के नाम परिपत्र जारी किया है।
कलेक्टरों को जारी परिपत्र मे कहा गया है कि छ.ग.राज्य मे ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि मजदूरी पर निर्भर है। छ.ग. राज्य मे खरीफ सत्र मे ही कृषि मजदूरी के लिए पर्याप्त अवसर रहता है, किन्तु इनमे कई भूमिहीन कृषि मजदूर है जिनके पास अपनी स्वयं की भूमि नही है। रबी सत्र मे फसल क्षेत्राच्छादन कम होने के कारण कृषि मजदूरी के लिए अवसर भी कम हो जाता है। ऐसे मजदूरों के लिए यह योजना लाई गई है। इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न पात्रताएं रखी गई है जिसमें -हितग्राही परिवार की पात्रता-योजनांतर्गत कट ऑफ डेट (पात्रता दिनांक) 01 अप्रैल 2021 होगा। 01 अप्रैल 2021 की स्थिति में योजनांतर्गत निर्धारित पात्रता होनी चाहिए। योजना अंतर्गत पात्रता केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को होगी। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे सभी मूल निवासी भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे, जिस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है। पट्टे पर प्राप्त शासकीय भूमि यथा वन अधिकार प्रमाण पत्र को कृषि भूमि माना जाएगा।
(1)-ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, घोबी, पुरोहित जैसे-पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक तथा शासन द्वारा समय-समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र होंगे, यदि उस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है। (2) यहाँ भूमिहीन कृषि मजदूर से अभिप्रेत है- “ऐसा व्यक्ति जो कोई कृषि भूमि धारण नहीं करता और जिसकी जीविका का मुख्य साधन शारीरिक श्रम करना है और उसके परिवार का जिसका की वह सदस्य है, कोई सदस्य किसी कृषि भूमि को धारण नहीं करता है। (3) यहाँ परिवार से आशय किसी व्यक्ति का कुटुम्ब अर्थात् उसकी पत्नी या पति, संतान तथा उन पर आश्रित माता-पिता से है। (4) यहाँ कृषि भूमि धारण नहीं करना से आशय है उस परिवार के पास अंश मात्र भी कृषि भूमि नहीं होना है।
कृषि भूमिहीन परिवारों की सूची में से परिवार के मुखिया के माता या पिता के नाम से यदि कृषि भूमि धारित है अर्थात् उस परिवार को उत्तराधिकार हक में भूमि प्राप्त करने की स्थिति होगी, तब वह परिवार भूमिहीन परिवार की सूची से पृथक् हो जाएगा। आवासीय प्रयोजन हेतु धारित भूमि, कृषि भूमि नहीं मानी जाएगी। ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को अनुदान सहायता राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र के साथ ‘‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’’ पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। अपंजीकृत परिवारों को योजनांतर्गत अनुदान की पात्रता नहीं होगी। पंजीकृत हितग्राही परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने पर उक्त परिवार के द्वारा पात्रता अनुसार नवीन आवेदन योजनांतर्गत प्रस्तुत किया जाना होगा। यदि पंजीकृत हितग्राही परिवार के मुखिया के द्वारा असत्य जानकारी के आधार पर अनुदान सहायता राशि प्राप्त की गई हो, तब विधिक कार्यवाही करते हुए उक्त राशि उससे भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी।
योजनांतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु इच्छुक ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को निर्धारित समयवधि मे राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के पोर्टल तहहइाउदल.बह.दपब.पद मे पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। पोर्टल मे पजीयन का कार्य 01 सितम्बर से 30 नवम्बर 2021 तक किया जायेगा। पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेज-आधार कार्ड, बैंक पासबूक के छाया प्रति के साथ आवेदन सचिव, ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। आवेदन मे यथा संभव मोबाईल नम्बर का भी उल्लेख किया जाना होगा। हितग्राही परिवार आवेदन की पावती ग्राम पंचायत सचिव से प्राप्त कर सकेगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत मे भुईया रिकार्ड के आधार पर ग्रामवार बी-1 तथा खसरा की प्रतिलिपि चस्पा की जायेगी। जिससे भू-धारी परिवारों की पहचान स्पष्ट को सके तथा भूमिहीन परिवारों को आवेदन भरने मे सुविधा प्राप्त हो सके।

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