मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय बैठक
शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और नवाचारों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी, आंगनबाड़ी के खिलौना बैंक की पहल की सराहना
रायपुर। मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की प्रमुख उपलब्धियों, नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई बैठक में पिछले राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। साथ ही एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से कार्यों की प्रगति और गुणात्मक सुधारों का आकलन किया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर जोर
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों के सचिवों को निर्देश दिए कि आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य के नवाचारों और गुणात्मक सुधारों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी निर्धारित समय-सीमा में तैयार करने को कहा, ताकि छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और सकारात्मक परिणामों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा जा सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौना बैंक की पहल
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित खिलौना बैंक की पहल की विशेष सराहना की गई। इस पहल के तहत लोग अपने बच्चों के पुराने खिलौने आंगनबाड़ी केंद्रों में जमा करते हैं। इन खिलौनों का उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और उनके पोषण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में किया जाता है।
इस पहल के अंतर्गत अब तक एक लाख से अधिक खिलौने जमा किए जा चुके हैं। इसे जनभागीदारी के माध्यम से बच्चों के विकास को प्रोत्साहित करने वाली अभिनव पहल के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर होगा मंथन
राष्ट्रीय सम्मेलन में विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें विकसित भारत के लिए विशिष्ट प्राथमिकताएं और उद्देश्य, आर्थिक विकास एवं राज्य के वित्त को मजबूत बनाने में खनन क्षेत्र की भूमिका, सुशासन में तकनीक का प्रभावी उपयोग तथा सड़क और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के लिए बेहतर कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श होगा।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य एवं पोषण, गैर-कृषि कार्यों में उर्वरकों के दुरुपयोग पर नियंत्रण, प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने और राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद तथा कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजू एस. उपस्थित रहे।
इसके अलावा राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, आदिम जाति विभाग के सचिव भूवनेश यादव, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, गृह विभाग की सचिव नेहा तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए विभागवार तैयारियों, उपलब्धियों के संकलन और राज्य की प्रमुख पहलों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।



