जैतपुरी में हर घर ने संभाली 2-2 गौवंश की जिम्मेदारी, फसलें सुरक्षित होने से किसानों को राहत

ग्रामीणों की पहल से सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा खत्म, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की सराहना

कुंडा। कबीरधाम जिले के कुंडा तहसील के ग्राम जैतपुरी (पोस्ट दामापुर) में ग्रामीणों ने बेसहारा गौवंश की देखरेख के लिए अनूठी पहल की है। गांव के लोगों ने आपसी सहमति से प्रत्येक घर में दो-दो गौवंश को आश्रय देने की जिम्मेदारी उठाई है। ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास से सड़कों और खेतों में घूमने वाले मवेशियों की समस्या से राहत मिलने का दावा किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने गौवंश को अपने घरों में बांधकर उनके चारे-पानी और देखरेख की व्यवस्था की है। इससे पहले मवेशियों के सड़कों पर घूमने से वाहन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। वहीं, रात में खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाने से किसान परेशान थे। उन्हें फसल बचाने के लिए रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती थी।
सामूहिक जिम्मेदारी से मिली राहत
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लोगों ने मिलकर गौवंश की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया, जिससे किसी एक परिवार पर पूरा आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। अब मवेशियों के लिए चारा-पानी और सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था ग्रामीण स्वयं कर रहे हैं। इस पहल से किसानों को फसलों की सुरक्षा और सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका कम होने की उम्मीद है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की सराहना
गांव में स्वप्रेरणा से शुरू किए गए इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं व्यवसायी अशोक सिंगरौल और अश्वनी यदु ने जैतपुरी के ग्रामीणों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने सामूहिक जिम्मेदारी और पशुसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
ग्रामीणों की यह पहल बताती है कि आपसी सहयोग और जनभागीदारी से गांव की समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।



