आस्था पर राजनीति करना कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र : भाजपा

प्रदेश मंत्री अमित साहू का तीखा पलटवार : राम मंदिर का विरोध करने वाली ‘कालनेमि’ कांग्रेस का पाखंड उजागर
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री अमित साहू ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि जो दल हमेशा प्रभु श्री राम के अस्तित्व को नकारता रहा, जिसने सुप्रीम कोर्ट में श्रीराम को ‘काल्पनिक’ बताने का हलफनामा दिया, आज वही कांग्रेस ‘कालनेमि’ रूप धरकर रामभक्त बनने का ढोंग कर रही है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर की गई पत्रकारवार्ता और अनर्गल आरोपों पर कड़ा प्रतिकार करते हुए श्री साहू ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र और राम-विरोधी मानसिकता को अच्छी तरह पहचानती है।
भाजपा प्रदेश मंत्री श्री साहू ने कांग्रेस के पाखंड पर प्रहार करते हुए कहा कि रामायण में जिस प्रकार कालनेमि राक्षस ने भगवान राम के कार्य में बाधा डालने के लिए साधु का वेश धरकर हनुमान जी को गुमराह करने का प्रयास किया था, ठीक उसी तरह आज कांग्रेस के नेता रामभक्ति का चोला ओढ़कर देश की जनता को भ्रमित करने का निष्फल प्रयास कर रहे हैं। जिस कांग्रेस ने राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में वकीलों की फौज खड़ी कर दी थी, आज उसके मुँह से राम नाम और नैतिकता की बातें शोभा नहीं देतीं। श्री साहू ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरी तरह से स्वतंत्र, पारदर्शी और नियमों के तहत काम करने वाली संस्था है। प्रशासनिक बदलाव या दायित्वों का पुनर्गठन संस्था की आंतरिक व सुचारू व्यवस्था का हिस्सा है, जिसे कांग्रेस अपनी आदत के अनुसार ‘घोटाला’ बताकर सनसनी फैलाने की कोशिश कर रही है। भाजपा और केंद्र सरकार ने हमेशा सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ाया है और मंदिर निर्माण में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की है। श्री साहू ने कहा कि भगवान श्री राम मंदिर अयोध्या में हुई घटना की जांच की जा रही है और दोषियों पर लगातार कार्रवाई भी हो रही है। कांग्रेस को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है! श्री साहू ने कहा कि बड़े-बड़े घोटालेकर देश और प्रदेश को लूटने वाली कांग्रेस अपने नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप साबित होने के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती। एक परिवार की चरण वंदना कर भ्रष्टाचार के पैसों को चढ़ावा के रूप में 10, जनपथ भेजने वाले कांग्रेसी नेताओं को पहले अपने भ्रष्टाचार के आरोप में फँसे कांग्रेसी नेताओं पर कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।

