पंडरिया : बजट में आम जनता को राहत नहीं, महंगाई और बेरोज़गारी पर चिंता बरकरार:- गौतम शर्मा
पंडरिया : बजट में आम जनता को राहत नहीं, महंगाई और बेरोज़गारी पर चिंता बरकरार:- गौतम शर्मा

पंडरिया : केंद्रीय बजट 2025-26 को लेकर देशभर में मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है, लेकिन आम जनता के बीच असंतोष अधिक दिखाई दे रहा है। बजट से महंगाई, बेरोज़गारी और जीवनयापन की बढ़ती लागत पर ठोस राहत की उम्मीद थी, जो पूरी होती नज़र नहीं आ रही।
किसान संगठनों ने कृषि क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं को अपर्याप्त बताया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य, फसल लागत और ग्रामीण रोज़गार को लेकर बजट में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। वहीं मनरेगा और ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मध्यम वर्ग को आयकर में सीमित राहत मिलने से निराशा हाथ लगी है, जबकि बढ़ती शिक्षा, स्वास्थ्य और मकान खर्च की समस्या जस की तस बनी हुई है। युवाओं के लिए नए रोज़गार सृजन और निजी क्षेत्र में भर्ती बढ़ाने को लेकर भी बजट में स्पष्ट दिशा का अभाव बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में बजटीय प्रावधान अपेक्षा से कम माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाए बिना समावेशी विकास संभव नहीं है।
कुल मिलाकर, बजट 2025-26 को लेकर यह धारणा बन रही है कि यह आम नागरिक की वास्तविक समस्याओं को प्राथमिकता देने में सफल नहीं रहा।
