कबीरधाम पुलिस का कड़ा संदेश, वर्दी में शराब सेवन और सार्वजनिक अभद्रता करने वाला आरक्षक सेवा से बर्खास्त

कबीरधाम पुलिस का कड़ा संदेश, वर्दी में शराब सेवन और सार्वजनिक अभद्रता करने वाला आरक्षक सेवा से बर्खास्त
• शराब पीकर अनुशासनहीनता पर कबीरधाम पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति।
• आरक्षक 126 अभिषेक लकड़ा शराब पीकर अनुशासनहीनता में दोषी पाए जाने पर बर्खास्त।
• पहले भी तीन आरक्षक ड्यूटी के दौरान शराब पीकर अनुशासनहीनता मामले में सेवा से हटाए जा चुके हैं।
• भविष्य में भी यदि किसी के द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब पीकर अनुशासनहीनता की जाती है तो बर्खास्तगी तय।
कवर्धा। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के कठोर और स्पष्ट अनुशासनात्मक निर्देशों के तहत कबीरधाम पुलिस में अनुशासनहीनता, नशाखोरी और कर्तव्यच्युति के विरुद्ध बिना किसी नरमी के निर्णायक कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी क्रम में वर्दी धारण कर सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन, आम नागरिकों से अभद्र व्यवहार तथा बार-बार अनुशासनहीनता करने वाले अपचारी आरक्षक 126 अभिषेक लकड़ा, रक्षित केन्द्र कबीरधाम को सेवा से पदच्युत कर दिया गया है।
अपचारी आरक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच की गई। जांच की संपूर्ण प्रक्रिया निष्पक्ष, नियमसम्मत एवं पारदर्शी रही तथा आरोपी को अपना बचाव प्रस्तुत करने का पूरा अवसर प्रदान किया गया। जांच में यह तथ्य पूर्णतः प्रमाणित पाया गया कि दिनांक 30.04.2025 को अपचारी आरक्षक वर्दी की अवस्था में शराब का सेवन कर सरस्वती शो-रूम कवर्धा पहुंचा तथा वहां के कर्मचारियों, आम नागरिकों एवं राहगीरों के साथ अभद्र, अशिष्ट एवं अमर्यादित व्यवहार किया।
शो-रूम संचालक से सूचना प्राप्त होने पर थाना प्रभारी कवर्धा द्वारा तत्काल तस्दीक कराई गई, जिसमें अपचारी आरक्षक अत्यधिक शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करते पाया गया। समझाइश दिए जाने के बावजूद अपचारी द्वारा अपने व्यवहार में कोई सुधार नहीं किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे थाना कवर्धा लाया गया तथा जिला अस्पताल कवर्धा में कराए गए मुलाहिजा में चिकित्सक द्वारा अत्यधिक नशे की स्पष्ट पुष्टि की गई।
विभागीय जांच में यह भी प्रमाणित हुआ कि अपचारी आरक्षक अल्प सेवाकाल में ही बार-बार शराब सेवन, अनाधिकृत अनुपस्थिति एवं अनुशासनहीन आचरण का दोषी रहा है। पूर्व में उसे 07 बार निंदा की सजा तथा 02 बार आगामी देय एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का दंड दिया गया, इसके बावजूद उसके आचरण में कोई सुधार नहीं आया। यह स्पष्ट हो गया कि अपचारी न तो विभागीय अनुशासन का सम्मान करता है और न ही वर्दी की गरिमा को समझता है।
जांचकर्ता अधिकारी द्वारा अभियोजन साक्षियों, दस्तावेजी प्रमाणों एवं अभिलेखों के गहन परीक्षण के पश्चात आरोपों को पूर्णतः प्रमाणित पाया गया। पुलिस जैसे अनुशासित बल में रहते हुए सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में अशोभनीय व्यवहार करना, जनता के बीच पुलिस की छवि को धूमिल करना और बार-बार चेतावनी के बावजूद न सुधरना सेवा में बने रहने योग्य नहीं माना गया।
अतः पुलिस अधीक्षक कबीरधाम द्वारा अपचारी आरक्षक 126 अभिषेक लकड़ा को सेवा से पदच्युत किए जाने की कठोरतम कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि कबीरधाम पुलिस द्वारा इससे पूर्व भी इसी प्रकार के गंभीर कदाचार, ड्यूटी के दौरान शराब सेवन एवं अनुशासनहीनता के मामलों में 3 आरक्षकों आरक्षक 52 अनिल मिरज, आरक्षक 517 आदित्य तिवारी तथा आरक्षक चालक 272 राजेश उपाध्याय को विभागीय जांच के पश्चात सेवा से पदच्युत किया जा चुका है।
कबीरधाम पुलिस यह स्पष्ट, सख्त और अंतिम चेतावनी देती है कि पुलिस विभाग में शराब सेवन, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और कर्तव्यच्युति के लिए अब कोई स्थान नहीं है। वर्दी पहनकर जनता के सामने मर्यादा भंग करने वालों के लिए दंड की प्रक्रिया लंबी नहीं होगी, बल्कि सीधे सेवा समाप्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। वर्दी की गरिमा से समझौता करने वाले, जनता के बीच पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले और बार-बार चेतावनी व दंड के बावजूद सुधार न करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोरतम कार्रवाई की जाती रहेगी।



