जनजातीय बालिका छात्रावास अधीक्षिकाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन पर प्रशिक्षण आयोजित।

जनजातीय बालिका छात्रावास अधीक्षिकाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन पर प्रशिक्षण आयोजित।
आंकाक्षी विकासखंड बोड़ला क्षेत्र से प्रारंभ होगा बालिकाओं के स्वास्थ्य हेतु अभियान।


कवर्धा – जिले में गत दिवस प्री एवं पोस्ट मैट्रिक जनजातीय बालिका छात्रावासों की अधीक्षिकाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का संचालन महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की सामाजिक संस्था समाजबंध एनजीओ से जुड़ी श्रीमती शरवरी सुरेखा अरुण एवं श्री सचिन आशा सुभाष द्वारा किया गया जो लगभग एक दशक से जनजातीय महिलाओं के बीच मासिक धर्म स्वच्छता एवं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य करते हुए जागरूकता द्वारा बच्चियों को होने वाले शारीरिक परेशानियों से बचने का अभियान चला रहे हैं।
प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत में श्रीमती शरवरी सुरेखा अरुण ने मासिक धर्म से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभवों एवं क्षेत्रीय अनुभवों को साझा किया। इसके पश्चात उन्होंने मासिक धर्म की वैज्ञानिक प्रक्रिया, उसके प्रबंधन तथा इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रशिक्षण में मासिक धर्म के दौरान सामान्य लक्षणों एवं असामान्य लक्षणों पर विशेष प्रकाश डाला गया जिसमे चिकित्सक के परामर्श की आवश्यकता होती है।
प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि छात्रावास अधीक्षिकाएँ संवेदनशीलता के साथ छात्राओं से इस विषय पर संवाद स्थापित करें मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य की देखभाल करने और उपयोग में लाएं जाने वाले सामग्रियों का सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करने के साथ छात्राओं को सहज एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करने पर जानकारी दी गई। इसके साथ ही कम उम्र की बालिकाओं में मासिक धर्म को लेकर पूर्व तैयारी और समझ विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि वे इस प्राकृतिक प्रक्रिया से भयभीत न होंकर और अपनी शारीरिक समस्याओं को साझा करने के लिए अपने सहयोगी को सही स्थिति बता सके। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं में रजोनिवृत्ति के समय होने वाले शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तनों तथा उनसे निपटने की तैयारी पर भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंत में समाजबंध संस्था द्वारा विकसित मासिक धर्म से संबंधित समग्र जानकारी युक्त पुस्तिकाएँ अधीक्षिकाओं को उपलब्ध कराई गईं है जिन्हें वे अपने-अपने छात्रावासों की छात्राओं में वितरित करेंगी।
इस संबंध में कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा ने बताया की यह प्रशिक्षण विशेष रूप जनजातीय स्थानों में जागरूकता लाने के लिए छात्रावास अधीक्षकों के माध्यम से यह अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। आंकाक्षी विकासखंड बोडला क्षेत्र से इसकी शुरुआत हो रहा है जिसका लाभ अनेक छात्राओ को मिलेगा। छात्रावास अधीक्षिकाओं के यह अपने प्रकार का पहला प्रयास है जिसमें प्रतिभागी पूरे सत्र के दौरान जिज्ञासु एवं सक्रिय रहे।जिले में जनजातीय समुदायो के सामाजिक एवं स्वास्थ्य उत्थान के उद्देश्य से इस प्रकार का प्रभावी पहल किया गया है जिससे बच्चियों का ज्ञानवर्धन करते हुए शारीरिक प्रक्रिया की जटिलता को कम किया जा सके और उनके स्वास्थ्य में पढ़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। यही कारण है की जिला प्रशासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के सयुक्त तत्वावधान में ऐसे अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम विनय कुमार पोयाम ने बताया की नीति आयोग भारत सरकार के सहयोग से आकांक्षी विकासखंड बोड़ला में अनेक कार्यक्रम संचालित है। जनजातीय स्थानो में स्वास्थ्य को लेकर विशेष पहल किया जा रहा है और इसी क्रम में बालिका स्वास्थ्य पर मासिक धर्म में पढ़ने वाले प्रभाव पर शिक्षिकाओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इनके द्वारा अपने क्षेत्र की बालिकाओं को इस संबंध में जागरूक किया जाएगा ताकि बालिकाएं अपने स्वास्थ्य का बहेतर देखभाल सके।




