आदर्श ग्राम पंचायत विकास योजना (मॉडल जीपीडीपी) निर्माण हेतु फ्रंटलाइन अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित


AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो केसीजी
खैरागढ़ :
सतत विकास लक्ष्य 1 से 9 के थीमों के अनुरूप जीपीडीपी निर्माण पर दिया गया प्रशिक्षण
खैरागढ़, 12 जनवरी 2026।
जिला पंचायत खैरागढ़–छुईखदान–गण्डई के सभा कक्ष मैकाल सदन में ग्राम पंचायतों की आदर्श ग्राम पंचायत विकास योजना (मॉडल जीपीडीपी) तैयार करने हेतु फ्रंटलाइन विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जीपीडीपी निर्माण को सतत विकास लक्ष्यों (SDG 1 से 9) के अनुरूप, प्रभावी, समन्वित एवं सहभागी बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रेम कुमार पटेल एवं उपसंचालक पंचायत श्री गीत कुमार सिंहा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण का संचालन राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनरों द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जीपीडीपी निर्माण की सम्पूर्ण चरणबद्ध प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जिसमें ग्राम की वर्तमान स्थिति का आकलन, आवश्यकताओं की पहचान, ग्राम सभा में विभागीय योजनाओं का प्रस्तुतिकरण, प्राथमिकताओं का निर्धारण, कार्य योजना एवं बजट का समावेशन, अनुमोदन, क्रियान्वयन, निगरानी एवं मूल्यांकन जैसे चरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान सतत विकास लक्ष्य 1 से 9 के अंतर्गत आने वाले प्रमुख थीमों को जीपीडीपी से जोड़ते हुए बताया गया कि—
लक्ष्य-1 (गरीबी उन्मूलन) के तहत आजीविका संवर्धन एवं स्वरोजगार,
लक्ष्य-2 (भूखमुक्त ग्राम) के अंतर्गत पोषण, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा,
लक्ष्य-3 (स्वास्थ्य एवं कल्याण) के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ,
लक्ष्य-4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) हेतु शैक्षणिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण,
लक्ष्य-5 (लैंगिक समानता) के लिए महिला सशक्तिकरण एवं स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा,
लक्ष्य-6 (स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) के अंतर्गत पेयजल, स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन,
लक्ष्य-7 (सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा) हेतु सोलर एवं नवीकरणीय ऊर्जा,
तथा लक्ष्य-8 (सम्मानजनक रोजगार एवं आर्थिक विकास) और
लक्ष्य-9 (उद्योग, नवाचार एवं आधारभूत संरचना) के अंतर्गत सीसी सड़क, पंचायत भवन, डिजिटल सेवाएँ, कौशल विकास, कुटीर एवं स्थानीय उद्योगों को जीपीडीपी में सम्मिलित करने पर विशेष जोर दिया गया।
मास्टर ट्रेनरों द्वारा बताया गया कि इन सभी लक्ष्यों को ग्राम सभा के माध्यम से विभागीय समन्वय के साथ जीपीडीपी में सम्मिलित करने से मॉडल ग्राम पंचायत का निर्माण संभव होगा।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि दिनांक 12 जनवरी 2026 को दोपहर 12:00 बजे जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षित प्रतिभागी अपने-अपने ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के हैंडपंप मैकेनिक सहित अन्य फ्रंटलाइन वर्करों को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि जीपीडीपी निर्माण के समय ग्राम सभा में फ्रंटलाइन वर्करों की अनिवार्य उपस्थिति रहेगी, जहां वे अपने-अपने विभाग की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) देंगे, जिससे ग्राम पंचायत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को जीपीडीपी में सम्मिलित किया जा सके।
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, एनआरएलएम, कृषि, उद्यानिकी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को सारगर्भित, उपयोगी एवं व्यावहारिक बताते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायत स्तर पर जीपीडीपी निर्माण में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगा।



