नववर्ष पर पर्यटन स्थलों को नशा मुक्त व स्वच्छ रखने की अपील

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी
खैरागढ़–छुईखदान–गंडई।
जिला खैरागढ़–छुईखदान–गंडई अंतर्गत स्थित समस्त धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को साफ-सुथरा एवं नशा मुक्त बनाए रखने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा नागरिकों से विशेष अपील की गई है। उन्होंने कहा कि नववर्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में पर्यटक धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण करते हैं, ऐसे में इन स्थलों की पवित्रता, स्वच्छता एवं प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था एवं ऐतिहासिक विरासत से परिपूर्ण है। यहां के पहाड़, जंगल, नदी-नाले, झरने एवं शक्तिपीठ लोगों को मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ और नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। ऐसे स्थलों का उद्देश्य आत्मिक शांति और प्रकृति से जुड़ाव है, न कि नशाखोरी एवं अव्यवस्था।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में कुछ पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर शराब, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा-तंबाकू, प्लास्टिक कचरा एवं भोजन अपशिष्ट के कारण गंदगी और अमर्यादित गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि इन स्थलों की गरिमा भी प्रभावित हो रही है।
नववर्ष के पावन अवसर पर आम नागरिकों, पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे पर्यटन स्थलों पर नशा न करें, स्वच्छता बनाए रखें तथा स्थानीय नियमों का पालन करें। जिस प्रकार अपने घर-आंगन को साफ रखा जाता है, उसी प्रकार सार्वजनिक एवं पर्यटन स्थलों को भी अपनी साझा धरोहर मानकर संरक्षित करें। साथ ही स्थानीय प्रशासन, मंदिर समितियों, ट्रस्टों एवं ग्राम पंचायतों को सतत निगरानी रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध समझाइश एवं आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
संदेश में यह भी कहा गया कि प्रकृति और आस्था का सम्मान करना ही सच्ची श्रद्धा है। दया, संयम, संवेदना और आपसी सौहार्द के साथ नववर्ष मनाएं। नशा मुक्त, स्वच्छ और अनुशासित पर्यटन से ही छत्तीसगढ़ की सकारात्मक पहचान बनेगी और भारत की सांस्कृतिक गरिमा को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
नववर्ष पर संकल्प लें—
“घूमें जरूर, लेकिन नशा नहीं;
आनंद लें, पर प्रकृति और आस्था का सम्मान रखें।”



