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कवर्धा : स्कूलों में 434 व्याख्याता पद रिक्त, कमी से नाराज़ छात्रों ने किया चक्काजाम

कवर्धा : स्कूलों में 434 व्याख्याता पद रिक्त, कमी से नाराज़ छात्रों ने किया चक्काजाम

टीकम निर्मलकर AP न्यूज़ कवर्धा : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में शिक्षासत्र प्रारंभ हुए ढ़ाई माह हो चुके हैं। अब त्रैमासिक परीक्षा की तैयारी चल रही है, लेकिन टीचिंग स्टॉफ की कमी शासकीय विद्यालयों में अब तक बरकरार है। इसके चलते पढ़ाई नहीं हो पा रही है। मुख्य रुप से विषयवार व्याख्याताओं की कमी के कारण हाईस्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूल की पढ़ाई ठप है। इससे विद्यार्थी नाराज हो रहे हैं। इसके चलते ही विरोध प्रदर्शन भी होने लगे हैं।

नगर पंचायत पिपरिया स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय में शिक्षकों की कमी विभिन्न विषयों से नाराज छात्र-छात्राओं ने नगर पहुंच मुख्य मार्ग पर शाला समय में चक्काजाम कर दिया। पुलिस कर्मियों के समझाने के बाद भी छात्र छात्राएं अपनी मांग पर अड़ी रही सड़क से नहीं हटे। छात्र छात्राओं ने घंटों भर तक सड़क पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

व्याख्याताओं की कमी, पढ़ाई ठप

आखिरकार जब बात नहीं बनीं तो मौके पर पहुंची नायब व तहसीलदार ने छात्रों को आश्वासन देकर सड़क से हटाया। इस स्कूल में कक्षा नवमी से बारहवीं तक 500 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इस शिक्षा सत्र में करीब ढ़ाई माह गुजर चुके हैं। पिछले तीन साल से शिक्षक व व्याख्याता की कमी है। ऐसे में छात्र छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होना लाजमी है। खासकर ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को अपने भविष्य चिंता सताने लगी है। इसके चलते ही शुक्रवार को कक्षा में पढ़ाई करने के बजाए एकाएक यह प्रदर्शन करने निकल पड़े। मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन करने लगे। इसके चलते वहां से गुजरने वाले वाहनों के पहिए थम गए।

छात्र के पैदल निकलने के बाद अफसरों ने तुरंत आगे जाकर बच्चों को रोका। इसके बाद बच्चों को समझाया गया कि उनकी मांग जल्द पूरी होगी। बच्चों को अफसरों ने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों की कमी जल्द पूरी होगी। विद्यार्थियों का कहना है कि शिक्षासत्र शुरू हुए दो-तीन माह बीतने के बाद भी शिक्षक की कमी दूर नहीं हो रही है। कई बार आवेदन देने पर भी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने अफसरों को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्याख्याता की व्यवस्था नहीं होती तो उग्र आंदोलन होगा।

फिजिक्स टीचर नहीं
पिपरिया स्कूल में शिक्षकों की मांग कर रहे विद्यार्थियों ने चक्कजाम के दौरान समझदारी का भी परिचय दिया। विद्यार्थियों ने बताया कि फिजिक्स का टीचर तीन साल से नहीं है। वहीं हिन्दी और अंग्रेजी टीचर का स्थानांतरण हो गया है।

जिले में 143 शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल हैं, जहां पर बीते वर्ष 42 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्यनरत रहे। वहीं लगभग संख्या इस वर्ष भी है। हाई और हायर सेकण्डरी स्कूल में अलग-अलग विषय की पढ़ाई के लिए पर्याप्त व्याख्याता भी नहीं है। कला, विज्ञान, गणित, कॉमर्स से संबंधित विषय के लिए कुल 1611 पद स्वीकृत हैं जिसमें 434 पद रिक्त हैं। विषयवार व्याख्याताओं की कमी के कारण पढ़ाई कराने में दिक्कतें होती है।

इसका उच्च कक्षाओं के परीक्षा परिणाम पर असर पड़ता है। वहीं स्कूल की व्यवस्था के लिए स्कूल में प्राचार्य होने चाहिए, लेकिन 143 प्राचार्य के पद पर मात्र 4 ही कार्यकर्ता हैं। बाकी स्कूल में जो प्रभारी प्राचार्य हैं वह व्याख्याता हैं जिन्हें प्रभार दिया गया है। अधिकतर प्रभारी ऑफिस के कार्य, बैठक, आयोजन सहित पढ़ाई का कार्य भी कराते हैं। ऐसे में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

कबीरधाम में शिक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर हैं। जिले के 1611 शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकण्डरी स्कूल के प्राचार्य, प्रधानपाठक, व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक, व्यायाम शिक्षक और प्रयोगशाला शिक्षक के कुल 8009 पद स्वीकृत हैं। इसमें 5392 की पूर्ति हो सकी है, जबकि 2615 पद रिक्त हैं। शिक्षकों की कमी के कारण ही शिक्षा का स्तर बेहद कमजोर है।

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