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राष्ट्रीय खेल दिवस पर शास.पूर्व माध्य.शाला सेमरसल में हुआ विविध खेलों का आयोजन,मेजर ध्यानचंद की जीवनी को स्मरण किया गया

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लोरमी:- राष्ट्रीय खेल दिवस पर शास.पूर्व माध्य.शाला सेमरसल में हुआ विविध खेलों का आयोजन,मेजर ध्यानचंद की जीवनी को स्मरण किया गया


जीवन में खेलों का विशेष महत्व है बाल विकास में एक महत्वपूर्ण भाग खेलों एवं उसके द्वारा होने वाले क्रियाकलापों से होता है। आज राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मेजर ध्यानचंद जी के जीवनी को स्मरण करते हुए सभी बच्चों ने अनेक प्रकार के खेलों का सुंदर प्रदर्शन किया। खेलों से बच्चों में प्रतियोगिता आत्मभाव का विकास होता है जो उन्हें संघर्ष के दिनों में निराशा भरे पलों में और कमजोर होती मानसिक स्थिति के समय पर विशेष लाभकारी सिद्ध होता है।

इन विविध खेलों के आयोजन में शिक्षकों ने बच्चों को खेलों के प्रकार से परिचित कराते हुए शारीरिक मानसिक दृष्टि से खेलों के लाभ को भी बताया। वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, लूडो, रस्साकसी, रस्सी कूद, खो-खो, कबड्डी साथ ही अनेक प्रकार के बाल खेलों का आयोजन आज शाला भवन के प्रांगण में मैदान पर बच्चों ने भरपूर आनंद लिया और प्रतिदिन अपने निजी जीवन में खेलने का प्रण किया इस कार्य में शिक्षक राजकुमार कश्यप एवं उमाशंकर राजपूत की विशेष भूमिका रही। खेल से बच्चों के अंदर उत्साह उमंग और सकारात्मक का वातावरण निर्मित होता है आने वाली चुनौतियों से लड़ने का साहस भी मिलता है। सतत रूप से खेलों को जीवन का हिस्सा बनने के लिए अनेक प्रकार के अवसर उन्हें सुझाए गए साथ ही पढ़ाई लिखाई के बोझ से मुक्ति पाने का भी एक अच्छा अवसर खेल के माध्यम से प्राप्त हो सकता है।

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