
सूत्रों के मुताबिक सत्ताधारी पार्टी भविष्य की सरकार के खिलाफ जन विरोध आंदोलन शुरू करेगी और सत्ता में वापसी के लिए समर्थन जुटाने के लिए चुनाव अभियान चलाएगी। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों और जिलों में जनसभाएं की जाएंगी और सभी स्तरों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।




