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11 दिसम्बर से सभी स्कूलों में तालाबंदी , विधान सभा घेराव सहित अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान

रायपुर – प्रदेश में सहायक शिक्षक वेतन विसंगति के मुद्दे पर पुरे प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 11 दिसम्बर से पूर्ण तालाबंदी करने जा रहे है। सहायक शिक्षकों की चर्चित और बहु प्रतीक्षित मांग वेतन विसंगति का मुद्दा लगातार खींचते जा रहा है। सरकार ने जहां एक ओर तीन अधिकारीयों की कमिटी बनाई है , वही कमिटी तीन माह बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार को अपना रिपोर्ट नहीं सौंपा है। कमिटी और सरकार के ढुलमुल रवैया से आक्रोशित होकर 11 दिसम्बर से पुरे प्रदेश के सहायक शिक्षक अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले जायेंगे। 

फेडरेशन और कमिटी की अंतिम बैठक भी सिर्फ खाना पूर्ति –

 प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन अधिकारीयों की अंतर्विभागीय कमिटी के साथ सहायक शिक्षक फेडरेशन की अंतिम बैठक भी 04 सितम्बर को संपन्न हो गई। जहाँ प्रदेश के सहायक शिक्षक अंतिम बैठक में कुछ ख़ास होने का अनुमान लगाए थे वही अंतिम बैठक सिर्फ खाना पूर्ति रही। शिक्षा सचिव कमलप्रीत सर ने 17 दिसम्बर तक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने की जानकारी कही। वही अंतिम फैसला सरकार द्वारा लेने की जानकारी दिए। इस तरह से देखा जाए तो 04 सितम्बर की बैठक सिर्फ फार्मेल्टी वाली बैठक रही। राज्य सरकार द्वारा गठित कमिटी और सरकार के रवैये से आक्रोशित होकर सहायक शिक्षक फेडरेशन 11 दिसम्बर से पुरे प्रदेश में तालाबंदी करेगी। 

यह है आंदोलन की रणनीति 

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन नए रणनीति के तहत 11 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रही है। फेडरेशन के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार 11 एवं 12 दिसम्बर को ब्लाक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे। वही 13 दिसम्बर को विधान सभा घेराव का प्रस्ताव है उसके बाद 14 दिसम्बर से राजधानी रायपुर में पुरे प्रदेश भर के सहायक शिक्षक मांग पूरी होने तक आंदोलन में बैठेंगे। इस तरह से फेडरेशन ने कमिटी और सरकार को तीन माह के उपरांत एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। कोरोना काल के बाद एक बार फिर प्राथमिक शालाओं में 11 दिसम्बर से पूर्ण तालाबंदी रहेगी। 

सहायक शिक्षक फेडरेशन का दूसरा ग्रुप का आंदोलन जारी 

सहायक शिक्षक फेडरेशन का एक ग्रुप का 06 दिसम्बर से अनिश्चित कालीन आंदोलन शुरू हो गई है। आज राजधानी रायपुर में हुए आंदोलन में आशा के अनुरूप नहीं रही , उम्मीद लगाया गया था कि आज बहुत से सहायक शिक्षक आंदोलन में उपस्थित होंगे लेकिन सिर्फ 5 – 6 सहायक शिक्षक ही दिखाई दिए। दोपहर 2 बजे तक तो सिर्फ जाकेश साहू ही पंडाल में अकेले बैठे नजर आए। जबकि उक्त आंदोलन का समर्थन सहायक शिक्षक मोर्चा ने भी किया था। लेकिन दोनों संघ के सिर्फ कुछ ही सहायक शिक्षक धरना स्थल पर पहुंचे। 

सभी शिक्षक संगठन का अलग – अलग प्रदर्शन , आपस में उलझ रहे शिक्षक संगठन –

प्रदेश में सहायक शिक्षक सहित कई शिक्षक संगठन लगभग एक ही मांग को अलग – अलग मंच के माध्यम से रख रहे है। शिक्षक संगठन आपस में ही उलझ जा रहे है। इस तरह से बिखराव के कारण राज्य सरकार पर दबाव बनाने में असमर्थ हो रहे है। कई आम सहायक शिक्षक सोशल मिडिया सहित अन्य माध्यम से एक ही मंच पर आंदोलन करने का मांग करते है। शिक्षक नेता मांगों के प्रति कम गंभीर और अपने नेतागिरी चमकाने में ज्यादा गंभीर दिखाई पड़ते है। प्रदेश के एक लाख सहायक शिक्षक यदि एक ही मंच पर अपनी बात रखेंगे तभी सफलता मिलने की उम्मीद है। 

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