कॉल सेंटर में कार्यरत 14 शिक्षक संक्रमित, साथ में कार्यरत अन्य शिक्षकों का फूटा गुस्सा

कवर्धा। कोविड होम आइसोलेशन कॉल सेंटर में ड्यूटी कर रहे 14 शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए। विगत दिनों प्रशासन ने शिक्षकों की ड्यूटी होम आइसोलेशन कॉल सेंटर, कांटेक्ट ट्रेसिंग एवं अन्य कार्यों में लगाई गई थी। जिसमें यूथ क्लब भवन में संचालित होम आइसोलेशन कॉल सेंटर में कार्यरत 14 शिक्षकों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है।
प्रशासन ने करीब 250 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। इन शिक्षकों से तीन शिफ्ट में कार्य लिया जा रहा है। एक शिफ्ट में करीब 70 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन ने जहाँ एक ओर शादी-दशगात्र जैसे कार्यक्रमों के लिए केवल 10 लोगों की अनुमति दी गई है और कार्यक्रम में सम्मिलित होने के पूर्व कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट होना जरूरी किया गया है। वहीं प्रशासन की बड़ी लापरवाही कहा जा सकता है कि एक स्थान पर एक समय में 70 लोगो की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रशासन ने इन शिक्षकों की ड्यूटी लेने से पूर्व कोरोना टेस्ट क्यों नही कराई गई ये बड़ी बात है। इस लापरवाही से कितने शिक्षकों और उनके परिवारों की जान जोखिम में डाल दी गई।
ड्यूटी कर रहे शिक्षकों में वर्क फ्रॉम होम की मांग
आज होम आइसोलेशन कॉल सेंटर में कार्यरत 14 शिक्षकों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वहीं ड्यूटी कर रहे अन्य शिक्षकों ने वर्क फ्रॉम होम की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है की कॉल सेंटर में कोरोना संक्रमित मरीजों से उनके स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी लेना ही उनका काम है जिसे वे घर पर ही रहकर कर सकते हैं। प्रशासन द्वारा मरीजों की सूची उन्हें व्हाट्सएप्प के माध्यम से दिया जाए और उस सूची के अनुसार संबंधित मरीजों से जानकारी लेकर स्थिति का प्रशासन को अपडेट कराते रहेंगे। जब इस प्रकार का काम घर में रहकर हो सकता है तो फिर भीड़ इकट्ठा करने से क्या मतलब?
ड्यूटी कर रहे शिक्षकों के संक्रमित होने से शिक्षकों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। विभिन्न शिक्षक संगठनों के व्हाट्सएप ग्रुप में लगातार इस पर चर्चा की जा रही है।


