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सर्वेक्षणकर्ता के रूप में कृषि स्नातक, विज्ञान स्नातक, विज्ञान से 12 वीं पास, 12 वीं पास, 10 वीं पास को मिलेगी प्राथमिकता

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AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी

खरीफ 2025-26 के लिए जिले के 369 ग्रामों में होगा डिजिटल फसल सर्वेक्षण जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

खैरागढ़, 03 जुलाई 2025//
एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत खरीफ 2025-26 सीजन के लिए जिले के 369 ग्रामों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जाएगा। यह सर्वेक्षण खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की चारों तहसीलों में आयोजित किया जाएगा।

परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 व 26 जून 2025 को रायपुर में आयोजित किया गया था, जिसमें जिले से नियुक्त नोडल अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर्स ने भाग लिया।

उक्त प्रशिक्षण के अनुक्रम में आज कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रावल के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों को डिजिटल फसल सर्वेक्षण की प्रक्रिया, ऐप जैसे विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ प्रशिक्षण में बताया गया कि किसान स्वयं भी ऐप के माध्यम से डिजिटल क्रॉप सर्वे कर सकते है।

इस दौरान कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह सर्वेक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इसे पूर्ण पारदर्शिता और सटीकता से संपन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक प्रणाली से किसानों की वास्तविक स्थिति और फसलों की जानकारी का संग्रहण सुगमता से हो सकेगा, जिससे शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर  सुरेंद्र कुमार ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सुमन राज, डिप्टी कलेक्टर सुश्री रेणुका रात्रे सहित जिले के सभी राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।

डिजिटल फसल सर्वेक्षण 15 अगस्त से 30 सितम्बर तक

डिजिटल फसल सर्वेक्षण 15 अगस्त से प्रारंभ होकर 30 सितम्बर 2025 तक चलेगा। डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए प्रत्येक ग्राम में अधिकतम 20 सर्वेक्षणकर्ताओं का चयन किया जायेगा। सर्वेक्षण कर्ताओं का चयन पटवारी के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। डिजिटल फसल सर्वेक्षण किये जाने हेतु प्रत्येक सर्वेक्षण कर्ता महिला या पुरुष को न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। प्राथमिकता का क्रम क्रमशः कृषि स्नातक, विज्ञान स्नातक, विज्ञान से 12 वीं पास, 12 वीं पास, 10 वीं पास होगा, इसके अलावा अन्य विषय के विद्यार्थियों को भी प्राथमिकता दिया जाएगा।
। चयनित सर्वेक्षणकर्ताओं का प्रशिक्षण 30 जुलाई तक दिया जाएगा।

सर्वेक्षणकर्ताओं के पास स्वयं का एड्रायड मोबाईल वर्जन 9$ हो जिसमें इंटरनेट होना आवश्यक है। सर्वेक्षण कर्ता का बैंक खाता एवं आधार नंबर होना आवश्यक हैं। सर्वेक्षण कर्ता की आयु 18 वर्ष से ऊपर हो। सर्वेक्षणकर्ता संबंधित ग्राम का ही निवासी हो। सर्वेक्षण कर्ता सर्वेक्षण के दौरान ग्राम में आवश्यक रूप से उपलब्ध हो। ग्राम के निवासी समुचित संख्या में उपलब्ध नहीं होने पर तहसीलदार द्वारा निकटवर्ती ग्राम के निवासी को अथवा कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि महाविद्यालय या उद्यानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थी को चयनित किया जा सकेगा।

प्राप्त आवेदनों के आधार पर सभी आवेदकों को प्राथमिक स्तर पर काम सौंपा जा सकेगा। भूमिस्वामी या कृषक जो किसी भी उम्र या शैक्षणिक योग्यता के हों, भी स्वेच्छा से अपने सर्वेक्षण नंबर (खेत) का डिजिटल फसल सर्वेक्षण कर सकता है, उन्हें इस हेतु कोई भी मानदेय प्रदाय नहीं किया जाएगा।

सर्वेक्षण कर्ताओं को प्रशिक्षण तहसील अंतर्गत राजस्व निरीक्षक मण्डल स्तर पर प्रदान किया जाएगा। सर्वेक्षण कर्ताओं में परिवर्तन होने पर नवीन सर्वेक्षण कर्ताओं को भी आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। सर्वेक्षण कर्ताओं को प्रत्येक दिवस उनके ग्रामवार संपादित किये जाने वाले फसल सर्वेक्षण कार्य हेतु खसरों का आबंटन तहसीलदार या तहसीलदार द्वारा अधिकृत अधिकारी या कर्मचारी द्वारा किया जाएगा।

प्रथम दिवस प्रत्येक पात्र आवेदक को 25 खसरा सौपा जाएगा। सर्वेक्षक के कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता के आधार पर अगले दिवस के लिए नवीन खसरा आबंटित किया जाएगा। सर्वेक्षण की कार्य कुशलता को देखते हुए किसी दिवस विशेष में बार-बार खसरा आबंटित किया जा सकेगा। यह आबंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत के आधार पर किया जायेगा।

सर्वेक्षणकर्ता को प्रति खसरा 10 रूपये का मानदेय

प्रत्येक सर्वेक्षण कर्ता को प्रत्येक सर्वे के लिए एप के माध्यम से सही सर्वेक्षण एवं अपलोड करने तथा स्वीकृत हो जाने की दशा में 10 रूपये प्रति खसरा मानदेय आधार-संबद्ध बैंक खातों के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। किसी खातेदार द्वारा अपने खाते का स्वयं सर्वेक्षण किये जाने की स्थिति में कोई मानदेय देय नहीं होगा।

डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत किये गये कार्यों का संबंधित हल्का पटवारी द्वारा पर्यवेक्षण प्रत्येक दिवस किया जाएगा।

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