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सीएम बघेल ने बाबा गुरू घासीदास जयंती पर की ऐतिहासिक घोषणाएं, कहा- नवा रायपुर में बनेगी गुरूघासी दास शोध पीठ और संग्रहालय

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राज्य के विभिन्न स्थानों में 18 दिसम्बर को बाबा गुरू घासीदास जयंती पर आयोजित समारोह में शामिल हुए और जैतखाम की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कई घोषणाएं की है। मुख्यमंत्री ने आज मुंगेली जिले के लालपुर में आयोजित बाबा गुरू घासीदास जयंती समारोह में बाबा गुरू घासीदास की स्मृति और उनके द्वारा समाज केे लिए दिए गए संदेशों को चिरस्थायी बनाने के लिए नवा रायपुर में करीब 10 एकड़ क्षेत्र में बाबा गुरू घासीदास शोध पीठ एवं संग्रहालय की स्थापना करने की घोषणा की। उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के मेघावी विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए रायपुर में 200 सीटर छात्रावास और कोंचिग सेंटर स्थापना की घोषणा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान, पंथी नृत्य के राज्य स्तरीय समारोह में पंथी नर्तक दलों को एवं देवदास बंजारे की स्मृति में पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल ने सामाजिक आस्था और श्रद्धा का केन्द्र अमरटापू में मंगल भवन निर्माण के लिए 50 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि अमरटापू को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही ग्राम जमकोर से सूरजपुरा तक सड़क मार्ग का उन्नयन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सतनामी कल्याण समिति बंधवा की विभिन्न मांगों पर निराकरण का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बाबा गुरू घासीदास जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बाबा गुरूघासीदास ने सत्य ही मानव जीवन का आभूषण है का संदेश दिया। सत्य से ही सत्कर्म, सदभाव और सदगुणों का विकास होता है। उन्होनें कहा कि बाबा का संदेश आज और भी ज्यादा प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि सभी मनुष्य एक समान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा ने हमें समतामूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया। बाबा गुरू घासीदास ने हमें आडंबर, काम, क्रोध अंध भक्ति, मोह, बलि प्रथा का त्याग कर प्रेम और भाईचारे से जीने का संदेश दिया। बघेल ने कहा कि बाबा ने महिला और पुरूष दोनों को समान दर्जा दिया और समानता का व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि पंथी गीत के माध्यम से बाबा ने छत्तीसगढ़ी भाषा का सम्मान किया। हमारे बीच आपसी भाईचारा, प्रेम और सदभाव की भावना होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने गौठानों में निर्मित वर्मी कम्पोस्ट की कीमत 8 रूपए से बढ़ाकर 10 रूपए करने की जानकारी दी। उन्होंने गौठानों में पैरा दान करने की भी अपील की। बघेल ने बताया कि कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के लगभग 7 लाख प्रवासी श्रमिकों को वापस लाया गया। बघेल ने राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी सहित जनकल्याण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में बताया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बाबा गुरू घासीदास जयंती पर शुभकामनाएं और बधाई दी। इस मौके पर विधायक धर्मजीत सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री थानेश्वर साहू, पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, सांसद अरूण शाव, पूर्व राज्यसभा सदस्य कमला मनहर सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाज के लोग और नागरिक मौजूद थे।

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