राहुल गांधी ने कहा लोगों को कर्ज की नहीं आर्थिक मदद की जरूरत, पीएम मोदी करें आर्थिक पैकेज पर पुनर्विचार


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नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व सासंद राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार से आग्रह किया कि वह आर्थिक पैकेज पर पुनर्विचार करें और लोगों के खातों में सीधे पैसे डालें क्योंकि इस वक्त उन्हें कर्ज की नहीं, बल्कि सीधी आर्थिक मदद की जरूरत है। राहुल गांधी ने कहा कि यदि मांग पैदा नहीं हुई, तो देश को कोरोना वायरस से होने वाले नुकसान से भी बड़ी आर्थिक हानि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को लॉकडाउन को समझदारी एवं सावधानी के साथ खोलने की जरूरत है और बुजुर्गों एवं गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
गांधी ने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि जो पैकेज होना चाहिए था वो कर्ज का पैकेज नहीं होना चाहिए था। इसको लेकर मेरी निराशा है। आज किसानों, मजदूरों और गरीबों के खाते में सीधे पैसे डालने की जरूरत है।
I have heard that the reason behind not giving money is ratings. It is being said that if we increase our deficit today, the foreign agencies will downgrade our ratings: Rahul Gandhi, Congress https://t.co/BvKhzUf83O
— ANI (@ANI) May 16, 2020
उन्होंने कहा कि सरकार कर्ज दे, लेकिन भारत माता को अपने बच्चों के साथ साहूकार का काम नहीं करना चाहिए, सीधे उनकी जेब में पैसे देना चाहिए। इस वक्त गरीबों, किसानों और मजदूरों को कर्ज की जरूरत नहीं, पैसे की जरूरत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं विनती करता हूं कि नरेंद्र मोदी जी को पैकेज पर पुनर्विचार करना चाहिए। किसानों और मजदूरों को सीधे पैसे देने के बारे में सोचिए।
उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि पैसे नहीं देने का कारण रेटिंग है। कहा जा रहा है कि वित्तीय घाटा बढ़ जाएगा तो बाहर की एजेंसियां हमारे देश की रेटिंग कम कर देंगी। हमारी रेटिंग मजदूर, किसान, छोटे कारोबारी बनाते हैं। इसलिए रेटिंग के बारे में मत सोचिए, उन्हें पैसा दीजिए। गांधी के मुताबिक लॉकडाउन खोलते समय समझदारी और सावधानी की जरूरत है। हमें इसे ध्यान से हटाना है। हमारे बुजुर्गों, हृदय, फेफड़े और किडनी के रोग से ग्रसित लोगों की रक्षा करनी चाहिए।