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राम मंदिर निर्माण राम शिक्षा के लिए जरूरी – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

कवर्धा /पंडरिया : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस वार्ता मेंराम जन्मभूमि पर बन रहे राम मंदिर देश मे राम शिक्षा के लिए जरूरी है, क्योकि सम्पत्ति के लिए भाई-भाई का दुश्मन बन जाता है जबकि राम अपने भाई के लिए सम्पत्ति का मोह त्याग वनवास को स्वीकार किये। उक्त उदगार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रेस वार्ता में व्यक्त किये।पंडरिया के कुमार हरेन्द्र शाह द्वारा देवपुरा में गुप्त नवरात्रि पर महा मृत्युंजय का पूजन कराया जा रहा है उक्त स्थल पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का चरण पूजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर स्वामी जी पत्रकारों से चर्चा करते हुए देश मे चल रहे घटनाओं पर पत्रकारों के सवाल पर कहा कि किसानों हित के लिए बनाए कानून का जब किसान विरोध कर रहे है तो ऐसे कानून को लागू करना गलत है उन्होंने कहा कि लाल किला की सुरक्षा सरकार का दायित्व है और भारी पुलिस सुरक्षा के बीच कुछ किसानों का जत्था लालकिला पर चढ़ जाना एक षडयंत्र का हिस्सा है किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए। राम मन्दिर निर्माण पर अविमुक्तेश्वरानंद जी ने कहा कि राम मन्दिर निर्माण के लिए पूर्व में रामालय ट्रस्ट कार्य कर रहा था जिसमे देश के चारो शंकराचार्य और सनातन धर्म के 25 धर्माचार्य थे ऐसे ट्रस्ट को केंद्र सरकार द्वारा बदल कर नया ट्रस्ट बना दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा बनवाये नया ट्रस्ट में आर एस एस एवं विश्व हिंदू परिषद तथा भाजपा के लोग है। स्वामी जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ शाशन को बताया है कि राम मन्दिर निर्माण के लिए धन संग्रह हेतु आर एस एस एवं विश्व हिन्दू परिषद को अधिकृत किया गया है जिससे साफ जाहीर है कि राम मन्दिर निर्माण को दलगत बना दिया गया है। राम मन्दिर निर्माण के लिए स्वेच्छा से धन राशि लिया जाना चाहिए जबकि अभी राम मन्दिर के लिए पूर्व से राशि अंकित वाला कार्ड देकर राशि लिया जा रहा है जो कि दुखद है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए सनातनियो को राजनीति में सक्रियता दिखानी होगी जिससे मनमर्जी करने वाले शासक देश पर राज नही करेगा।

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