नया कृषि कानून साबित करता है कि मोदी सरकार सिर्फ बड़े व्यवसायिक दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए है – कोमल हुपेंदी, प्रदेश अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी।


पारित तीनो कृषि बिल कॉरपोरेट हितैषी है -उत्तम जायसवाल प्रदेश सचिव आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़
कृषि प्रधान देश मे किसानों को गुलाम बनाने की साज़िश के तहत यह बिल लाया गया है -दुर्गा झा प्रदेश महिला प्रभारी छत्तीसगढ़
रायपुर: मौजूदा सरकार द्वारा कृषि कानून में बदलाव किये जाने के विरोध में देश भर के किसान संगठन आंदोलन पर है । देश के अलग अलग राज्यों से दिल्ली आये किसान और किसान संगठन इस तीनों कृषि कानून का विरोध कर रहे है और सरकार से मांग कर कर रहे हैं- ये तीनों कृषि कानून सरकार वापस लें ।
कोमल हुपेंदी, प्रदेश अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी ने कहा कि नया कृषि कानून साबित करता है कि मोदी सरकार सिर्फ बड़े व्यवसायिक दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए कानून बना रही है , उन्हें आम जनता और किसानों को कतई चिंता नहीं है। ये कानून हमारे देश के किसानों को स्थिति
बद से बदतर बना देगी।आज आम आदमी पार्टी ने पूरे छत्तीसगढ़ में सभी जिला मुख्यालयों में कानून की प्रतियां जलाकर इस काले कानून को वापस लेने की मांग करते हुऐ किसान भाईयों का पूर्ण समर्थन किया।
समर्थन मूल्य का लीगल राईट नहीं होने से भविष्य में किसानों को कॉर्पोरेट के हाथो की कठपुतली बन जाएंगे , इसलिए वे इस कानून का कड़ा विरोध कर रहे है । आज आम आदमी पार्टी अपने प्रदेश कार्यालय से रैली निकाल कर बूढ़ा तालाब तक मार्च किया और बूढ़ातालाब पहुंच कर किसान विरोधी कानून की तीनो प्रतिया जलाई गई। सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानो को शांतिपूर्ण तरीके से बंद में सहयोग की अपील भी की गई । सभी ने किसानों के इस देश व्यापी बंद के आह्वान को सहयोग किया व अपने अपने प्रतिष्ठान बंद कर सभी ने उनके वाजिब मांग का पूर्ण समर्थन किया।
प्रदेश सचिव उत्तम जायसवाल ने कहा कि यह तीनों कानून कॉरपोरेट हितैषी है कृषक उपज व्यापार और वाणिज्यिक सवर्धन और सरलीकरण के कानून से भविष्य में एम एस पी स्वतः खत्म हो जाएगी कानून के लागू होने से कॉरपोरेट जगत के लोग फसल को कुछ सालों तक पहले उचे दाम में खरीदेंगे ताकि मंडियों में फसल की खरीदी स्वतः बंद हो जाएगी इसके पश्चात कॉरपोरेट अपने अंदाज में काम करेगी व इसका असर पूरे देश की जनता को पड़ेगा।
दुर्गा झा ने कहा है कि यह तीनों बिल देश के किसानों को भविष्य में गुलामी की ओर धकेल देगा। कृषक सशक्तिकरण व सरलीकरण हो या आवश्यक वस्तु संसोधन बिल हो अगर यह वास्तव में देश के किसानों के हित के लिए है सरकार को एम एस पी का लीगल राइट होना चाहिए ताकि भविष्य में यह किसान गुलामी की ओर जाने से बचे।
जिला अध्यक्ष कमल नायक ने कहा कि आज हम कृषि कानून को वापस लेने के लिए दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों समर्थन में हमने आज कार्यक्रम किया है व उनके भारत बंद के आह्वान पर हम सब निकले है किसान संगठनों द्वारा भविष्य में जो भी रणनीति बनाई जाएगी हम उस अपना सहयोग देंगे।
आज के इस विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला सचिव एकांत अग्रवाल, संगठन मंत्री मुकेश देवांगन,संतोष दुबे,यूथ विंग के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण सेन ,प्रियंका मिश्रा,डॉगेश्वर भारती , प्रकाश चक्रधारी मो.अनवर अंसारी
बलवंत सिंह, रिंकु सिसोदिया, एम एम हैदरी गजानंद लहरे व अन्य पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।
