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नई शिक्षा नीति एवं फिट इंडिया विषय पर एक दिवसीय विचार संगोष्ठी संपन्न

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नई शिक्षा नीति एवं फिट इंडिया जैसे मुहिम से भारत फिर बन सकता है विश्व गुरू

नई शिक्षा नीति एवं फिट इंडिया विषय पर एक दिवसीय विचार संगोष्ठी संपन्न

भिलाई : इंडियन काफी हाउस, भिलाई होटल, सिविक सेंटर में दिनांक 21 अगस्त 2021 को केन्द्र सरकार द्वारा लागू नई शिक्षा नीति एवं फिट इंडिया विषय पर एक दिवसीय विचार संगोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवलन एवं गणेश वंदना के साथ हुई। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि शिक्षा प्रकोष्ठ छग प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष श्री कांतिलाल जैन तथा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी श्री जयंत देवांगन, सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री गिरिवर लाल साहू तथा वरिष्ठ योग अनुदेशक श्री अरूण अग्रवाल जी एवं अध्यक्षता कर रहे अशोक चंद्रवंशी का कमल पुष्पगुच्छ एवं उपस्थितों का कमल पुष्प देकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए आयोजक एवं कार्यकारिणी सदस्य शिक्षा प्रकोष्ठ छग प्रदेश भाजपा श्री बृजमोहन उपाध्याय ने बताया कि छग प्रदेश भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा नई शिक्षा नीति एवं फिट इंडिया मुहिम को जन-जन पहुंचाने का बीड़ा उठाया गया है। वर्ष 2022 तक इस मुहिम को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत् यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। आगे भी इस तरह के आयोजन व्यापक रूप से किए जाने हेतु कटिबद्व है।
मुख्य अतिथि श्री कांतिलाल जैन ने कहा कि नई शिक्षा नीति में प्रधानमंत्री जी ने उम्र को अधिक महत्व दिया है। बड़ी-बड़ी डिग्री के बाद भी आज लोग बेरोजगार है। शिक्षा नीति में बदलाव लाकर असल में लोगों को उसके हुनर से जोड़कर रोजगार दिलाने की योजना है। पढने में अच्छे वाला गणित, उससे कम वाला बायो, उससे कम वाला काॅमर्स और उससे भी कम वाला आटर््र्स को आगे की शिक्षा चुनने के लिए विवश है, जिसे नई शिक्षा नीति में दूर किया गया है। शिक्षा को अब कैरियर ओरियेंटेड नहीं बल्कि रूचि आधारित बनाए जाने का प्रयास है। उच्च शिक्षित होने के बाद रोजगार के लिए संतान विदेश में है जिसके कारण अच्छी कमाई करने वाला संतान होने के बाद भी वृद्व माता-पिता वृद्वाश्रम में रहने को मजबूर है। यह दुखद है। इसमें सुधार तत्काल संभव नहीं है, किन्तु नई शिक्षा नीति से इन समस्याओं से धीरे-धीरे निजात मिलेगी। फिट इंडिया के लिए खान-पान महत्वपूर्ण है। सभी जिम संचालक भी सुझाव देते है कि स्वस्थ रहने में शारीरिक गतिविधि से 20 फीसदी ही सहयोग मिलता है, शेष 80 फीसदी का कार्य अच्छे और संयमित खान-पान से ही हो जाता है।
विशेष अतिथि श्री जयंत देवांगन ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे बैडमिंटन प्रशिक्षक के रूप में सेवा दे रहें और कई रोगग्रस्त व्यक्तियों को खेल के माध्यम से स्वस्थ होते देखा है। केन्द्र सरकार की फिट इंडिया से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
वरिष्ठ योग अनुदेशक श्री अरूण अग्रवाल जी ने कहा कि इंडिया केवल इंडिया को नहीं बल्कि पूरे विश्व को फिट करने की योग्यता रखता है। आज से ढ़ाई हजार पूर्व महर्षि पतंजलि हुए, जिन्होंने योग सिखाया। किन्तु धीरे-धीरे योग विलुप्त होता गया और आज पुनः अनेक असाध्य रोगों के प्रभाव के कारण योग विद्या ने लोगों को आकर्षित किया और वर्तमान में योग सभी मंच पर छाया हुआ हैं। 21 जून को योग दिवस के रूप में पहचान दिलाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज योग के माध्यम से कई लोगों को जीवन में वापसी का अनुभव उन्होंने किया है। समय पर नींद और संयमित भोजन से शरीर को फिट रखा जा सकता है।
सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री गिरिवर लाल साहू ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और स्वास्थ्य पर चर्चा बहुत ही आवश्यक है। वर्तमान युग मोबाईलयुक्त युग है, 24 घंटे घर की अंदर रहने से लोग एग्रेसिव होते जा रहे हैं। वर्तमान में शिक्षा के अनुपात में बढ़ोत्तरी तो हुई है लेकिन उसका मूल्य कम हो गया है। इसलिए नई शिक्षा नीति और फिट इंडिया जैसी योजना समय की आवश्यकता थी। वर्तमान की शिक्षा नीति एवं फिट इंडिया से यह संभव है।
अध्यक्षता कर रहे श्री अशोक चंद्रवंशी जी ने कहा कि हमारा देश पहले ही विश्व गुरू था, लेकिन गलत शिक्षा नीति के चलते अपना देश पिछड़ता चला गया लेकिन आज देश में फिर से शिक्षा नीति में सुधार के साथ-साथ फिट इंडिया जैसे मुहिम का शुभारंभ हुआ है, जिसका सुखद परिणाम मिलेगा और इससे जल्द ही हम फिर से विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है।
विशेष अतिथि श्री शंकरलाल देवांगन ने फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति को देश के चहुमुर्खी विकास के लिए नींव का पत्थर बताया। तत्पश्चात् शिक्षा जगत से जुड़ी श्रीमती नेहा सोनी, श्रीमती सुरेखा जवादे, श्रीमती नविता शर्मा, श्रीमती शशि दुबे, श्रीमती ज्योति द्विवेदी, श्री बलबीर सहगल, श्री शिवाजी सिंह तथा सांसद प्रतिनिधि श्री प्रमोद सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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