डोंगरगढ़ में मानव तस्करी का कारोबार, 3 माह से गुमशुदा महिला ने लौटकर खुलासा किया


4 साल के बच्चे की माँ ने बताया- अपहरण के बाद हरियाणा में बेचा, दिल्ली, हरियाणा व सऊदी अरब से मानव तस्करी के तार जुड़े होने की बताई बात।
डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में मानव तस्करी के कारोबार का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस कारोबार के तार रायपुर, दिल्ली व हरियाणा से भी जुड़े हुए हैं। सितंबर माह से गुम महिला नवंबर में वापस लौटी और उन्होंने लौटते ही बड़ा खुलासा किया। उक्त महिला ने पुलिस को बताया कि डोंगरगढ़ से मानव तस्करी का बड़ा रैकेट चलाया जा रहा, जिसके तार रायपुर से लेकर दिल्ली, हरियाणा व सऊदी अरब तक जुड़े हुए हैं।
भुरवाटोला निवासी शुभम जैन ने 12 सितंबर को अपनी पत्नी वंदना जैन व 4 वर्षीय बच्चे के गुम होने की रिपोर्ट डोंगरगढ़ थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद अचानक 21 नवंबर को वंदना जैन अपने बच्चे को लेकर दुर्ग पहुंची और अपने परिजनों को अपहरण की जानकारी दी।
वंदना ने मीडिया को बताया कि उसे हरियाणा ले जाकर डेढ़ लाख रुपए में बेच दिया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान मेरे विरोध करने के बाद मेरे बच्चे के गले में चाकू रखकर मारपीट की गई। इसके अलावा उन्होंने अनेक आश्चर्यजनक बातों का खुलासा किया है। इसके बाद वंदना पति शुभम जैन बच्चे को लेकर थाना आई और थाना प्रभारी अलेक्जेंडर किरो को घटना क्रम की पूरी जानकारी दी।
पुलिस वंदना की रिपोर्ट पर धारा 363, 365, 366, 506, 370 क (2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। गिरफ्तार आरोपियों में जुनैद खान पिता अहमद अली निवासी रजा नगर जेल रोड, सलमान खान पिता अहमद खान निवासी बंगाली पारा, शुभम तिवारी पिता स्व. अवधेश तिवारी निवासी जेल रोड एवं साजदा सैय्यद पिता सैय्यद अब्दुल निवासी ईदगाह के पास सभी निवासी डोंगरगढ़ शामिल हैं। बताया जा रहा है कि अभी और भी नाम के खुलासे होने बाकी है जो जल्द ही सामने आयेंगे। आज दोपहर डेढ़ बजे पुलिस थाना डोंगरगढ़ में एसडीओपी चन्द्रेश ठाकुर ने पूरे मामले की जानकारी दी और कहा कि- ‘जो भी आरोपी इस मामले से जुड़े हुए हैं उन्हें बख्शा नहीं जायेगा चाहे इसके लिए दिल्ली हरियाणा क्यों ना जाना पड़े।’