जिस स्कूल का प्राचार्य सप्ताह में 1-2 दिन ही स्कूल आते हैं। शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण दायित्व में बड़ी लापरवाही- विप्लव साहू जिला पंचायत सदस्य



खैरागढ़ : जिला शिक्षा विभाग में खैरागढ़ विकासखंड अंतर्गत हाई स्कूल अचानकपुर नवागांव के प्रिंसिपल सीपी प्रमोद के विरुद्ध जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायत की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच टीम नियुक्त की गई थी, जांच दल संबधित स्कूल गई, जनप्रतिनिधियों, स्टॉफ, ग्रामीणजनों से चर्चा पड़ताल किये। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार स्थानीय स्तर पर जांच टीम ने अधिकांश शिकायतों को सही पाया।
शिक्षा विभाग में कार्यरत हाई स्कूल प्राचार्य सीपी प्रमोद अपने 10-12 साल के कार्यकाल में भारी अनियमित पाए गए। वे भिलाई स्थित अपने निवास से ही 70 किमी. दूर से ड्यूटी आते हैं, ग्रामीणों और छात्रों ने बताया कि सप्ताह में वे 1 ही दिन आते हैं।
विकासखंड खैरागढ़ के दुर्गम और सीधे-सादे लोगों के गांव में नियुक्ति पाकर प्रिंसिपल बेहद अनियमित, अनुशासनहीन और लापरवाह हो गए हैं। स्कूल का तानाशाही पूर्वक संचालन और स्टाफ को लगातार दबाव में रखते हैं। वे खुद छात्रों को अंग्रेजी विषय की जिम्मेदारी लिए हुए हैं और छात्र-छात्राओं से बात करने पर अंग्रेजी के एक भी शब्द का लेटर छात्र बता नहीं पाए। शासकीय सेवा में रहते उनका इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से बिना अवकाश लिए पीएचडी कैसे कंप्लीट कर लिए यह भी एक जांच का विषय है।
पूरे जिले में सभी हाई स्कूल में अचानकपुर नवागांव का रिजल्ट सबसे खराब आया है जिसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है। सरपंच केसर सिंह कोर्राम ने बताया कि खुद उनकी बेटी 10 कक्षा में फेल हो गई है। पूर्व सरपंच और उपसरपंच ने भी जांच टीम को बताया कि प्राचार्य एक-दो दिन ही स्कूल आते हैं। स्कूल और आंचल के बाकी बच्चों का हाल कितना बुरा होगा या सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है।
जिला पंचायत सदस्य विप्लव साहू ने कहा की मेरा इसमे वक्तव्य – जांच के दरमियान गांव के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि और छात्रों ने स्पष्ट कहा कि प्राचार्य सप्ताह में 1-2 दिन ही स्कूल आते हैं। शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण दायित्व में बड़ी लापरवाही इनके सभी पक्ष को, एक साल के मोबाइल लोकेशन को जांच करनी चाहिए।