जिले में डिप्टी कलेक्टरों के प्रभार बदले जाने के बाद नही हो पाया है एक भी डायवर्सन

राज्य सरकार के डायवर्सन नियम सरलीकरण के बावजूद लोग लगा रहे कार्यालय का चक्कर
कवर्धा। राजस्व विभाग में भूमि व्यपवर्तन के नियम सरलीकरण होने के बावजूद भूमि व्यपवर्तन में देरी हो रही है। सैकड़ो भू-स्वामी भूमि डायवर्सन कराने कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। भूमि डायवर्सन को लेकर एसडीएम कार्यालय का चक्कर लगा रहे कुछ लोगों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि विगत एक माह से उनका भूमि डायवर्सन का आवेदन लगा हुआ है। जिले में कलेक्टर द्वारा डिप्टी कलेक्टरों के प्रभार बदले जाने के बाद कवर्धा अनुविभागीय अधिकारी (रा.) की जिम्मेदारी श्री सोनी को दिया गया है। उक्त अधिकारी के कार्यभार ग्रहण करते ही भूमि डायवर्सन का कार्य देख रहे कार्यालय के कर्मचारी का स्थानांतरण तहसील कार्यालय कवर्धा में हो गया और उनकी जगह श्री खान को सेक्शन का प्रभार दिया गया है। लोगों ने आगे बताया कि उक्त पदस्थापना के बाद भूमि डायवर्सन हेतु नियमों में परिवर्तन किया गया है। डायवर्सन में लगाये जाने वाले दस्तावेजों में कई अन्य दस्तावेज जोड़ दिए गए है। पूर्व की डायवर्सन प्रक्रिया में भी संसोधन कर दी गई है। उनका कहना था कि पूर्व अधिकारी का प्रभार बदल जाने के बाद आज तक एक भी डायवर्सन पूरा नही हुआ है। अधिकारी को बदले लगभग एक माह से ऊपर का समय हो चुका है ऐसी स्थिति में एक प्रकरण भी पूरा नही होने और कार्यालय का बार बार चक्कर काटने से आवेदक बहुत ही निराश है।
डायवर्सन पूरा करने का राज्य सरकार का है भूमि डायवर्सन सरलीकरण का नियम
पूरे प्रदेश में डायवर्सन में विलंब होने की मिल रही शिकायत पर राजस्व विभाग ने इसमें तेजी लाने के लिए सरलीकरण किया है। पूर्व में इसे पूरा करने के लिए लगभग दो से तीन माह तक समय लग जाता था। अब भू-अभिलेख शाखा से कृषि से आवासीय रूप में दर्ज करने के लिए सभी दस्तावेजों को प्रमाणीकरण के साथ प्रस्तुत करने पर जिसे 72 घंटे के अंदर करने का प्रावधान कर दिया गया है। किन्तु नियमों के सरलीकरण के बावजूद भी जिले में डायवर्सन के नई गाइडलाइन का पालन नही हो रहा है।
डायवर्सन के लिए ये है नई गाइड लाइन
- मौके पर ही आवेदन जांच के बाद ही लिए जाएंगे।
- भू-अभिलेख के दस्तावेजों को पूरा कराने की प्रक्रिया होगी।
- डायवर्सन होने वाली एरिया की संबंधित हल्का के पटवारी करेंगे मुआयना।
- आपत्ति के बदले आवेदक को देंगे काम होने की सूचना
- भुईंया में संबंधित खसरा नंबर के डायवर्सन को दर्ज करेंगे।