जनपद CEO के खिलाफ FIR दर्ज करनें राष्ट्रपति को लिखा पत्र…कहा विवादस्पद CEO को तत्काल पद से हटाया जाए


छत्तीसगढ़ बिलासपुर। एक सरपंच नें अपने ही जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर, तत्काल पद से हटानें की मांग कलेक्टर सहित तमाम उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों से की है। सरपंच ने अपने पत्र में कलेक्टर बिलासपुर को सम्बोधित करते हुए लिखा है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी तखतपुर हिमांशु गुप्ता को बर्खास्त कर उसके विरुद्ध एफ.आई.आर. किया जाय तथा तत्काल तखतपुर से हटाये जाने की मांग की है। मामला कुछ ऐसा है कि ग्राम पंचायत निगारबंद में दिनांक 03.02.2020 को सरपंच पद का चुनाव हुआ था जिसमे श्रीमती ईश्वरी सुरेन्द्र कश्यप को 20 मतों से विजयी घोषित किया गया था जिसमें पराजित प्रत्याशी श्रीमती अम्बालिका कश्यप के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कोटा के समक्ष पुर्तगणना हेतु याचिका प्रस्तुत किया गया था जो दिनांक 30.09.2000 को स्वीकार किया गया और दिनांक 11.11.2020 को मतो का पुर्नगणना किया गया जिसमें श्रीमती अंबालिका कश्यप 62 मतो से विजयी घोषित किया गया उसके पश्चात दिनांक 11.11.2020 को अनुविभागीय अधिकारी कोटा के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी तखतपुर को पदभार देने का आदेश दिया गया तब दिनांक 18.11.2020 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी तखतपुर के द्वारा सचिव ग्राम पंचायत निगारवर को पत्र लिखा पदभार देने हेतु तय दिनांक 23.11.2020 को 10 बजे सुबह पदभार दिया गया लेकिन उसी दिन माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर छ.ग. में रिट पिटीशन कं. 2888/20 में 12.30 बजे के अनुसार 23.11.2020 को यथास्थिति बनाये रखने का आदेश पारित किया गया। जिसके अनुसार में वर्तमान में सरपंच के पद पर पदस्थ हैं। उसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी तखतपुर के द्वारा सचिव दुर्गा प्रसाद मरावी को डरा धमका कर उससे स्टाम्प में यह लिखवाया गया है कि मुझे बंधक बनाकर सरपंच का पदभार एवं शपथ पत्र दिलाया गया है इस तरह का स्टाम्प में लिखकर वर्तमान सरपंच अबालिका कश्यप के पुत्र के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करवाने का प्रयास किया गया। इस तरह की कार्यवाही विरेन्द्र कश्यप अपने रीडर के कहने पर कर रहा है विरेन्द्र पूर्व सरपंच ईश्वरी सुरेन्द्र कश्यप के पति यशवंत का छोटा भाई है। इस कारण से फर्जी तरीके से कार्यवाही कर रहा है। इसके कारण गांव में मुख्य कार्यपालन अधिकारी तखतपुर के विरुद्ध माहौल बन रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी तखतपुर का कृत्य अवैधानिक है तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध है उसके विरुद्ध न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही की जाय। दूसरी तरफ जब हम मुख्य कार्यपालन अधिकारी तखतपुर के कार्यालय में जाते हैं तो हमारी कोई बात नहीं सुनते ना ही आवेदन लेते हैं उल्टा हम पर एफआईआर दर्ज कराए जाने धमकी देते हैं। पीड़िता का आरोप है कि अधिकारी के इसी कृत्य के चलते कोटा जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ हाथापाई हुआ था और इन्हें स्थानांतरित किया गया था। ऐसे विवादस्पद शासकीय सेवक को बर्खास्त करते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर की जाय। बहरहाल मुख्य कार्यपालन अधिकारी तखतपुर के खिलाफ यह कोई पहली शिकायत नहीं है ऐसे दर्जनों शिकायत कोटा और तखतपुर जनप्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर कार्यालय में धूल खाते लंबित है ऐसे में एक और जनप्रतिनिधि वह भी महिला जनप्रतिनिधि की गंभीर शिकायत और संगीन आरोप सवाल तो खड़े करते हैं जरूरत है निष्पक्षता से जांच कर न्याय करनें की ताकि कोई जनप्रतिनिधि या उच्च पदों पर बैठा अधिकारी मनमानी कर अपने अपने पदों का दुरुपयोग ना कर सके।