चिदंबरम ने बायकॉट चाइना अभियान को बताया गैरजरूरी, कहा आत्मनिर्भर बनें लेकिन दुनिया से न तोड़ें नाता


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देश के पूर्व वित्तमंत्री लद्दाख में भारत चीन संघर्ष के बाद चाइनीज सामान के बायकॉट अभियान को गैरजरूरी करार देते हुए कहा कि इससे चीन को कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने का मतलब यह नहीं है कि हम दुनिया से नाता तोड़ लें। अपने वीडियो संदेश में पी चिदंबरम ने कहा लद्दाख में चीनी घुसपैठ और संघर्ष पर सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। साथ ही चिदंबरम ने प्रधानमंत्री द्वारा सर्वदलीय बैठक में दिए बयान पर भी जोरदार हमला बोला।
So boycotting Chinese goods will not hurt the China’s economy. We should not bring issues like boycott when we are discussing very grave matters like the defence of India: Congress leader P Chidambaram (2/2) https://t.co/S1kVyP269J
— ANI (@ANI) June 20, 2020
बायकॉट चाइना अभियान को लेकर चिदंबरम ने कहा कि जितना हो सके हमें आत्मनिर्भर जरूर बनना चाहिए। लेकिन हम इसके लिए दुनिया भर से नाता नहीं तोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन का हिस्सा बने रहना होगा। हमें चाइनीज़ सामान का बायकॉट नहीं करना चाहिए। दुनिया भर के व्यापार में हम भारत चीन व्यापार की हिस्से दारी देखें तो यह नगण्य ही है। उन्होंने कहा कि बायकॉट चाइना से चीन की अर्थव्यवस्था को कोई नुकसान नहीं होगा। वहीं जब हम देश की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर बातचीत कर रहे हों उस समय इस प्रकार के हल्के मुद्दे बीच में नहीं लाने चाहिए।
If no Chinese troops crossed LAC&are in our territory,what was ‘face-off’ on May 5-6? B/w May 5&June 6, what was issue on which Indian commanders were talking to their Chinese counterparts? What was subject matter of negotiations b/w Corps Commanders of India&China?:P Chidambaram https://t.co/3Vik6CVdsG
— ANI (@ANI) June 20, 2020
प्रधानमंत्री पर बोला हमला
चिदंबरम ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई बाहरी भारतीय सीमा में नहीं घुसा है। इससे साफ पता चलता है कि प्रधानमंत्री सेना प्रमुख, रक्षामंत्री और विदेश मंत्री द्वारा दिए गए बयान को ही गलत ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि चीनी दल ने एलएसी को नहीं पार किया और यदि वे अपनी ही सीमा में हैं, तो 5 और 6 मई को संघर्ष किस बात को लेकर हुआ था। वहीं दोनों देशों के बीच चल रही कमांडर स्तर की बातचीत में मुद्दा क्या था।