G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
BIG NewsINDIATrending News

खतरे में ओली की कुर्सी? राष्ट्रपति से मिले नेपाली PM, आज राष्ट्र को कर सकते हैं संबोधित

Nepal Prime Minister KP Sharma Oli visits Sheetal Niwas to meet President Bidhya Devi Bhandari.
Image Source : ANI

काठमांडू: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक संकट गहराता हुआ दिख रहा है। देश के प्रधानमंत्री खड्ग प्रसाद शर्मा ओली गुरुवार को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मिलने शीतल निवास पहुंचे। इस बीच माना जा रहा है कि ओली आज राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। वहीं, काठमांडू के पीएम हाउस में ओली के द्वारा बुलाई गई कैबिनेट मीटिंग भी शुरू हो चुकी है। सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड ने अपने वफादार मंत्रियों से साफ कह दिया है कि यदि ओली बैठक के दौरान कोई असंवैधानिक फैसला लेते हैं तो वॉकआउट कर जाना है।

बढ़ती जा रही हैं ओली की मुश्किलें

बता दें कि चीन के इशारों पर भारत के खिलाफ फैसले लेने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। बीते मंगलवार को उनकी पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे इस्तीफा मांग लिया। ओली ने हाल ही में कहा था कि उनकी सरकार द्वारा नेपाल के राजनीतिक मानचित्र को वापस लेने के बाद उन्हें हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में नेपाल के साथ भारत के रिश्ते सहज नहीं रह गए हैं और इसके लिए खुद ओली की ही पार्टी के नेता उन्हें जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

अपनी ही पार्टी ने धरा ‘प्रचंड’ रूप
मंगलवार को नेपाली पीएम के आधिकारिक आवास बलुवतार पर जैसे ही सत्तारूढ़ दल की शक्तिशाली स्थायी समिति की बैठक शुरू हुई, तुरंत पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने ओली की टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की। प्रंचड ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी कि भारत उन्हें हटाने की साजिश कर रहा था, न तो राजनीतिक रूप से सही थी और न ही कूटनीतिक रूप से उचित थी। प्रचंड ने कहा कि पीएम की टिप्पणी पड़ोसी मुल्क के साथ हमारे रिश्ते खराब कर सकती है।

ऐसा क्या कहा था ओली ने?
नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने रविवार को कहा था कि उन्हें सत्ता से हटाने के लिए ‘दूतावासों और होटलों’ में कई तरह की गतिविधियां चल रही हैं और कुछ नेपाली नेता भी खेल में शामिल हैं। मंगलवार को शीर्ष नेता प्रचंड के अलावा, वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल, झलनाथ खनाल, उपाध्यक्ष बामदेव गौतम और प्रवक्ता नारायणजी श्रेष्ठ ने भी प्रधानमंत्री ओली से उनके आरोपों का सबूत देने के लिए कहा और सत्ता छोड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने ‘ऐसी अनुशासनहीन और गैर-राजनीतिक टिप्पणी की है।’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page