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क्या इस चिट्ठी के चलते राजस्थान में गहराया सियासी संकट?

Rajasthan
Image Source : TWITTER/SACHIN PILOT

राजस्थान में कांग्रेस की सरकार पर सियासी संकट गहराता जा रहा है। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट दिल्ली में हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत फोन पर विधायकों की लोकेशन ले रहे हैं। कुछ विधायकों के मानेसर के एक होटल में ठहरे होने की भी खबर है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी की चर्चा है। राज्य के आतंकवाद विरोधी दस्ता और एसओजी ने अपने ही उपमुख्यमंत्री को सरकार गिराने के आरोपों की जांच में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। माना जा रहा है कि राजस्थान में मौजूदा सियसी संकट का कारण यही चिट्ठी है। बताया जा रहा है कि इस नोटिस के मिलने के बाद से ही सचिन पायलट नाराज़ है। इसी चिट्ठी के बाद वे दिल्ली चले गए थे। हालांकि बता दें कि एसओजी की ओर से सीएम गहलोत को भी ठीक यही नोटिस भेजा गया है। 

यह भी पढ़ें: राजस्थान में गहराया संकट, गहलोत ने फोन कर मांगी विधायकों की लोकेशन, बॉर्डर पर बढ़ाई गई नाकेबंदी

यह चिट्ठी राजस्थान के अतिरिक्त महानिदेशक एटीएस एवं एसओजी की ओर से सचिन पायलट को लिखी गई हैं। इसमें कहा गया है कि आईपीसी की धारा 124 ए और 120 बी एसओजी जांच कर रही है। इसके लिए सचिन पायलट का बयान लिया जाना था। यह चिट्ठी 10 जुलाई को लिखी गई थी। इसमें पायलट से पूछताछ के लिए समय, तारीख और स्थान की जानकारी मांगी गई है। 

सीएम गहलोत को भी सम्मन

इस बीच एसओजी का एक और नोटिस सामने आया है। एटीएस और एसओजी ने यह नोटिस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजा है। नोटिस में आईपीसी की धारा  124ए और 120 बी के तहत जांच के लिए कहा गया है। एसओजी ने सीएम से बयान दर्ज कराए जाने के लिए समय मांगा है। यह नोटिस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिप्रसाद की ओर से जारी किया गया है। 

एटीएस और एसओजी ने यह नोटिस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजा है

एटीएस और एसओजी ने यह नोटिस मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजा है

10 जुलाई को दर्ज हुई थी FIR

राजस्थान पुलिस के विशेष कार्य बल ‘एसओजी’ ने राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त और निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के आरोपों में एक मामला दर्ज किया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) अशोक राठौड़ के अनुसार दो व्यक्ति, जिनके मोबाइल नम्बर की जानकारी है, उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया, ‘दर्ज किये गये मामले में आरोप यह है कि दोनों व्यक्तियों की बातचीत से लगता है कि उन्हें पता है कि क्या हो रहा है, कैसे खरीद-फरोख्त करनी है या इस पर आगे बढ़ना है, कैसे सरकार को अस्थिर करना है या उसके बाद क्या स्थिति बनेगी और उससे इन्हें कैसे फायदा हो सकता है।’ यहां उन्होंने बताया था कि इस मामले में मुख्यमंत्री (अशोक गहलोत) सहित जो भी प्रभावित पक्ष हैं, उनसे उनका पक्ष जानने की कोशिश की जाएगी। 

राज्यसभा चुनाव का है मामला 

पिछले महीने 19 जून को राज्य से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव से पहले प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अपने कुछ विधायकों को प्रलोभन दिए जाने का आरोप लगाया था। पार्टी की ओर से इसकी शिकायत विशेष कार्यबल (एसओजी) को की गयी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि राज्य में विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है और करोड़ों रुपये नकद जयपुर भेजे जा रहे हैं। 

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