ChhattisgarhKabirdhamखास-खबर

कबीरधाम जिले में 94 हजार किसानों का हुआ पंजीयन, 13 हजार नए किसानों ने कराया पंजीयन

@APNEWS:कबीरधाम जिले में 94 हजार किसानों का हुआ पंजीयन, 13 हजार नए किसानों ने कराया पंजीयन

कर्जामाफी के बाद बरसो से वंचित किसान अब खेती-किसानी के मुख्यधारा में लौटने लगे

कबीरधाम जिले में अब तक 94 हजार 4 सौ किसानों का पंजीयन, पिछले साल 85 हजार 473 किसानों का हुआ था पंजीयन, अब इस वर्ष मक्का उत्पादक किसान और एफआरए किसानों का भी होगा पंजीयन

कवर्धा, 02 नवंबर 2020। प्रदेश के कबीरधाम जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान और मक्का की खरीदी करने के लिए अब तक 94 हजार किसानों का पंजीयन करा लिया गया है। किसानों की सुविधा को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर खाद्य विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान और मक्का उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की तारीख को 10 नवम्बर तक बढ़ा दिया है। पंजीयन की तारीख बढ़ने के बाद जिले में धान और मक्का उत्पादक किसानों की संख्या और बढ़ सकती है। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ रहे हैं। खाद्य और जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों ने बताया कि पंजीयन की आखिरी जिले में पंजीयन के लिए छूटे सभी किसानों का पंजीयन करा लिया जाएगा। जिले में अब तक 13 हजार नए किसानों का पंजीयन किया गया है। पूरे प्रदेश में किसानों की पंजीयन के मामले में कबीरधाम जिले ने टॉप फाईप में पहुंच गया है।
कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा ने आज यहां जिला कार्यालय के सभा कक्ष में समय सीमा की बैठक में विपणन वर्ष 2020-21 में आगामी एक दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने इसके लिए उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, खाद्य, मार्कफेड, जिला सहकारी केन्द्रीय बैक के नोडल अफसर और सर्व अनुविभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री शर्मा ने समीक्षा करते हुए बताया कि किसानों की सुविधा को देखते हुए राज्य शासन के निर्देश पर खाद्य विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान और मक्का उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की तारीख को 10 नवम्बर तक बढ़ा दिया है। पूर्व में पंजीयन की तारीख 31 अक्टूबर तक निर्धारित थी, जिसमें यह वृद्धि की गई है। कलेक्टर ने अधिकारियों की निर्देशित करते हुए कहा जिले में सभी धान उत्पादक और मक्का उत्पादक किसानों का पंजीयन होना चाहिए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि राज्य शासन द्वारा अजीविका के लिए एफआरए के माध्यम से उपलब्ध कराई गई कृषि योग्य भूमि, जहां वर्तमान में उनके द्वारा धान व मक्का की खेती की जा रही है, ऐसे किसानों का भी समर्थन मूल्य की खरीदी करने के लिए विधिवत रूप से पंजीयन कराए। कलेक्टर ने इसके लिए जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों का आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री दिलराज प्रभाकर, जिला पंचायत सीईओ श्री विजय दयाराम के. सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

बरसों से वंचित किसान अब खेती-किसानी के मुख्यधारा में लौटने लगे

कबीरधाम जिले में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की कर्जा माफी का लाभ मिलने के बाद जिले में हर वर्ष किसानों की संख्या में वृद्धि हो रही है। बरसों से खेती-किसानी और समर्थन मूल्य में धान की विक्री के लिए वंचित किसान अब विकास के मुख्यधारा में लौटने लगे है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैक के जिला नोडल अधिकारी श्री बद्री प्रसाद चन्द्रवंशी ने बताया कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद कबीरधाम जिले के 75 हजार किसानों का 450 करोड़ का कर्जा माफ किया गया था। इस कर्जा माफी में ऐसे किसान भी शामिल थे, जिन्होने कर्जा लेकर अपना कर्जा अदा नहीं किया था, जिसकी वजह से उन्हे कृषि ऋण और समर्थन मूल्य में धान की बिक्री करने की लिए अपना पंजीयन नहीं करा पा रहे थे। जिले में इस वर्ष 13 हजार नए किसानों का पंजीयन कराया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page