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“माँ का आत्मविश्वास, शिशु की सुरक्षा – जिले केसीजी में जन्म सहयोगी कार्यक्रम बन रहा संस्थागत प्रसव हेतु भरोसे की ढाल”

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो केसीजी

खैरागढ़ : मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले में “जन्म सहयोगी कार्यक्रम” का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम संस्थागत प्रसव एवं सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में उभर रहा है।

कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित मातृत्व हेतु आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि प्रसव एक अत्यंत संवेदनशील एवं भावनात्मक क्षण होता है। कई बार महिलाएँ अस्पताल में प्रसव के दौरान मानसिक तनाव या अकेलेपन का अनुभव करती हैं। “जन्म सहयोगी कार्यक्रम” के अंतर्गत सामान्य प्रसव के समय गर्भवती महिला अपनी पसंद की एक महिला परिजन — जैसे माँ, सास, बहन या सहेली — को प्रसूति कक्ष में साथ रख सकती है। इससे महिला का आत्मविश्वास बढ़ता है और प्रसव प्रक्रिया अधिक सहज, सुरक्षित एवं सकारात्मक अनुभव में परिवर्तित होती है।

जन्म सहयोगी कार्यक्रम के प्रमुख लाभ

प्रसव अवधि में कमी एवं सामान्य प्रसव की संभावना में वृद्धि, प्रसव पीड़ा एवं भावनात्मक तनाव में कमी, अनावश्यक चिकित्सीय हस्तक्षेप में कमी, जटिल प्रसव एवं प्रसवोत्तर समस्याओं में कमी, अस्पताल सेवाओं के प्रति परिवार का बढ़ता विश्वास। जिले के सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा चिन्हांकित उप स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रसूति कक्ष में गोपनीयता बनाए रखने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं तथा जन्म सहयोगी को प्रवेश से पूर्व उसकी भूमिका एवं दायित्वों की स्पष्ट जानकारी दी जाती है।

समुदाय से अपील
सभी गर्भवती माताओं से अनुरोध है कि वे नियमित प्रसवपूर्व जांच (ANC) अवश्य कराएं और प्रसव हेतु शासकीय स्वास्थ्य संस्था का चयन करें। ANC के दौरान ही योग्य जन्म सहयोगी का चयन कर लेने से प्रसव के समय सुविधा सुनिश्चित होती है। जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं महिला समूहों से भी आग्रह है कि वे घर-घर इस योजना की जानकारी पहुँचाएं और संस्थागत प्रसव के लिए परिवारों को प्रेरित करें।

सुरक्षित मातृत्व की दिशा में जिला संकल्पित
संस्थागत प्रसव से स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट (डॉक्टर एवं नर्स) की निगरानी में सुरक्षित डिलीवरी संभव होती है। आपात स्थिति में त्वरित उपचार मिलता है तथा नवजात को तुरंत आवश्यक देखभाल एवं टीकाकरण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क जांच, उपचार, भोजन, दवाई एवं रेफरल सुविधा प्रदान की जाती है।

जिला खैरागढ़–छुईखदान–गंडई का स्वास्थ्य विभाग “हर माँ सुरक्षित – हर शिशु स्वस्थ” के संकल्प के साथ कार्य कर रहा है। “जन्म सहयोगी कार्यक्रम” इसी दिशा में विश्वास और सुरक्षा की मजबूत कड़ी सिद्ध हो रहा है।

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