G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhKCGखास-खबर

गंडई क्षेत्र के भवरदाह में चैत्र नवरात्रि पर भावरी दाई मंदिर में ज्योति कलश प्रज्वलित, दुर्गम जंगल पार कर पहुंचे श्रद्धालु

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी

गंडई। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गंडई क्षेत्र के भवरदाह स्थित मां भावरी माता मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। भड़भड़ी के घने जंगलों के बीच विराजमान मां भावरी माता के दरबार में इस वर्ष भी परंपरानुसार ज्योति कलश की स्थापना की गई, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु कठिन रास्तों को पार कर माता के दर्शन हेतु पहुंचे।

बताया जाता है कि यह मंदिर अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में स्थित है, जहां पहुंचने के लिए भक्तों को उबड़-खाबड़ रास्तों के साथ-साथ एक ही नदी को कई बार पार करना पड़ता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रहती है और वे निडर होकर माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

यह स्थल गंडई राज परिवार की कुलदेवी के रूप में विशेष महत्व रखता है। यहां पिछले 17 वर्षों से लगातार चैत्र नवरात्रि पर ज्योति कलश की स्थापना की परंपरा निभाई जा रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी तेरस के दिन विधि-विधान से ज्योति कलश स्थापित किए गए। इस वर्ष 168 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

ज्योति कलश स्थापना का शुभारंभ परंपरा अनुसार लाल टाकेश्वर शाह खुसरो द्वारा प्रथम कलश प्रज्वलित कर किया गया। इस धार्मिक आयोजन में लाल टाकेश्वर शाह खुसरो, देवेंद्र शाह खुसरो, करण शाह खुसरो सहित ग्राम कृषक समिति पंडरिया के अध्यक्ष जेठू राम साहू का विशेष सहयोग रहा।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वर्षों पूर्व खैरागढ़ और गंडई राजाओं के बीच हुए युद्ध में गंडई राजा को मां भावरी माता की कृपा से हार से बचाव मिला था। तभी से राज परिवार मां भावरी माता को अपनी कुलदेवी के रूप में पूजता आ रहा है।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और भक्ति का भाव देखने को मिला।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page