छुईखदान जल संसाधन संभाग ने शिकायतों को बताया निराधार, 13 बिंदुओं में दिया जवाब

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो केसीजी
छुईखदान। जल संसाधन संभाग छुईखदान के संबंध में की गई विभिन्न शिकायतों पर विभाग ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए सभी आरोपों को निराधार और असत्य बताया है। विभाग द्वारा जारी जवाब में कहा गया है कि वर्ष 2023-24 से 2025-26 की अवधि में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का कोई आबंटन शासन से प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए इस प्रकार का दावा तथ्यहीन है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि संभागाधीन निर्माण कार्यों का निरीक्षण समय-समय पर मुख्य अभियंता महानदी-गोदावरी कछार रायपुर और अधीक्षण अभियंता शिवनाथ मंडल दुर्ग द्वारा किया जाता है। उनके निर्देशों के अनुसार कार्यों का निष्पादन किया जाता है तथा निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री का परीक्षण केंद्रीय मिट्टी एवं पदार्थ प्रयोगशाला रायपुर के अनुसंधान अधिकारी द्वारा किया जाता है। परीक्षण के बाद ही सामग्री का उपयोग निर्माण कार्यों में किया जाता है।
विभागीय स्पष्टीकरण में यह भी कहा गया कि सहायक मानचित्रकार कमलनारायण सिंह द्वारा ग्रेज्यूटी भुगतान के लिए किसी प्रकार की राशि की मांग नहीं की गई है और शिकायतकर्ता का ग्रेज्यूटी भुगतान पूर्व में किया जा चुका है। श्रम पदाधिकारी राजनांदगांव के आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारियों का उपादान भुगतान किया गया है तथा शेष प्रकरण न्यायालय के संशोधित आदेश के बाद ही विचार योग्य होगा।
इसके अलावा वार्षिक मरम्मत एवं संधारण कार्यों के लिए शासन से 4 करोड़ रुपये का कोई आबंटन प्राप्त नहीं होने की बात भी विभाग ने स्पष्ट की है। विभाग का कहना है कि जितनी राशि का आबंटन प्राप्त होता है, उसी के अनुसार नियमों का पालन करते हुए कार्य कराकर भुगतान किया जाता है।
निविदा प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर विभाग ने कहा कि वर्तमान में निविदा प्रक्रिया ऑनलाइन पद्धति से उच्च कार्यालय के माध्यम से की जाती है, इसलिए ठेकेदारों से सांठगांठ या मिलीभगत का आरोप पूरी तरह असत्य है। वहीं सहायक अभियंता अविनाश नायक के किसी भी राजनीतिक दल से संबंध होने के आरोप को भी विभाग ने खारिज किया है और कहा कि सभी कार्य नियमानुसार बुकलेट, स्टीमेट और डिज़ाइन तैयार होने के बाद ही किए जाते हैं।
शासकीय वाहन के दुरुपयोग के आरोप पर भी विभाग ने कहा कि कार्यपालन अभियंता द्वारा वाहन का उपयोग केवल शासकीय कार्य और दौरे के लिए ही किया जाता है तथा निजी वाहनों में डीजल-पेट्रोल भरवाकर शासन की राशि का दुरुपयोग नहीं किया जा रहा है। साथ ही अधिकारियों के मुख्यालय में निवास और निर्माणाधीन कार्यों के नियमित निरीक्षण की बात भी विभाग ने कही है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सहायक अभियंता केतन किशोर साहू द्वारा उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन सिविल सेवा आचरण संहिता के अनुरूप किया जाता है और कमीशन या अन्य किसी प्रकार के आरोप निराधार हैं।
कार्यालयीन व्यवस्था को लेकर भी विभाग ने जानकारी दी कि सहायक वर्ग-03 के स्वीकृत 10 पदों के विरुद्ध वर्तमान में केवल एक कर्मचारी कार्यरत है और कार्यालय में सहायक की कमी को देखते हुए प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग द्वारा करूणेश मेश्राम को कार्य करने हेतु आदेशित किया गया है। इसलिए नियम विरुद्ध संलग्नीकरण का आरोप भी असत्य बताया गया है।
सेवानिवृत्ति से जुड़े मामलों में विभाग ने बताया कि एस.के. उपाध्याय सहायक वर्ग-03 दिनांक 31 अक्टूबर 2020 को सेवानिवृत्त हुए हैं और न्यायालयीन प्रकरण के संचालन हेतु आदेश जारी किया गया था। वहीं भीम सिंह ठाकुर सहायक वर्ग-02 30 सितंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए हैं।
विभाग के अनुसार कार्यालयीन कार्यों की अधिकता को देखते हुए स्थल सहायक लोकेश शर्मा को स्थापना शाखा में सहायक के रूप में लगाया गया है, ताकि वेतन आहरण और अन्य प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से किए जा सकें। स्थापना प्रभारी के रूप में सहायक वर्ग-02 अजय चंद्राकर कार्यरत हैं और उनके साथ अन्य कर्मचारियों की सहायता से कार्य संपादित किए जा रहे हैं।
विभाग ने अंत में कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और विभागीय कार्य नियमानुसार तथा पारदर्शिता के साथ संपादित किए जा रहे हैं।

