राजनांदगांव क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ याचिकाओं पर जन-सुनवाई

राजनांदगांव क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ याचिकाओं पर जन-सुनवाई
इस जन-सुनवाई में मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले के विद्युत उपभोक्ता हो सकेंगें शामिल
राजनांदगांव, 13 फरवरी 2026 – छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए बिजली दरों (टैरिफ) के निर्धारण और राजस्व आवश्यकताओं से संबंधित याचिकाओं पर राजनांदगांव क्षेत्र (राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले) के उपभोक्ताओं के लिए जन-सुनवाई आयोजित की जा रही है। सीएसईआरसी द्वारा पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों के विभिन्न उपभोक्ताओं को उक्त जनसुनवाई की प्रक्रिया में हिस्सा लेने हेतु क्षेत्रवार ऑनलाईन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य की बिजली कंपनियों (उत्पारायपुर कार्यालय में प्रत्यदन, पारेषण, वितरण एवं लोड डिस्पैच सेंटर) द्वारा प्रस्तुत याचिकाओं पर आम जनता, किसान और उद्योगपति अपने सुझाव व आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं।
राजनांदगांव क्षेत्र के लिए ऑनलाइन जन-सुनवाई
राजनांदगांव क्षेत्र के उपभोक्ताओं को आयोग के रायपुर कार्यालय से सीधे जुड़ने के लिए दिनांक 17 फरवरी 2026 को दोपहर 3ः00 बजे से 04ः30 बजे तक राजनांदगांव शहर के पार्रीनाला स्थित कार्यपालक निदेशक कार्यालय, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव पर उपस्थित हो सकते हैं।
रायपुर कार्यालय में प्रत्यक्ष जन-सुनवाई
यदि कोई उपभोक्ता सीधे रायपुर आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी बात रखना चाहता है, तो दिनांक 19 फरवरी 2026 को दोपहर 12ः00 से 01ः30 बजे तक कृषि एवं कृषि संबंधी कार्य, दोपहर 02ः30 से 04ः00 बजे तक घरेलू उपभोक्ता एवं सायं 04ः00 से 05ः30 बजे तक गैर-घरेलू उपभोक्ता उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी तरह 20 फरवरी 2026 को दोपहर 12ः00 से 01ः30 बजे तक स्थानीय निकाय, नगर निगम एवं ट्रेड यूनियन आदि, दोपहर 02ः30 से 04ः00 बजे तक निम्न दाब उद्योग एवं सायं 04ः00 से 05ः30 बजे तक उच्च दाब उद्योग अपनी सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे।
याचिकाओं का विस्तृत विवरण आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov.in पर उपलब्ध है। राजनांदगांव क्षेत्र के सभी इच्छुक सम्मानीय उपभोक्ता और विभिन्न संगठन इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपने सुझाव दे सकते हैं।



