ChhattisgarhKCGखास-खबर

पुरेना में फाइलेरिया (हाथी पाँव) की दवाई खिलाई गई

News Ad Slider
Advertisement

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी

खैरागढ़ छुईखदान – शासकीय प्राथमिक शाला पुरेना संकुल केन्द्र घिरघोली विकास खंड छुईखदान जिला केसीजी छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे मितानिनों द्वारा कैंप लगाकर शाला में उपस्थित बच्चों को फाइलेरिया मुक्ति हेतु डीईसी एवं कृमि नाशक एलबेंडा जोल गोली खिलाई गई।यह दवाई किसी व्यक्ति को हाथी पाँव होने से पूर्व खिलाई जाती है,यह बीमारी फाइलेरिया संक्रमित मच्छर के लगभग 300/500 बार काटने से होती है,अगर किसी व्यक्ति को पॉजिटिव होने से बचाना है तो उसे दवाई खिलाना अनिवार्य है बीमार होने के बाद दवाई असर कारक नहीं होता है।दवाई खिलाने से पूर्व कुछ सावधानी रखनी जरूरी है जैसे दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं देना है, गर्भवती महिलाओं को दवाई नहीं देना, जो भूखे हो उसे दवाई नहीं देना है,गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को डीईसी नहीं देना है,दवाई खाने के बाद धूप में न निकले छांव में आराम करे । किसी भी प्रकार की अफवाहें से दूर रहे । दवाई खाने के बाद किसी को कोई समस्या होती है तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क करे।प्रधान पाठक तुलेश्वर कुमार सेन ने अपनी विचार रखते बताया कि आप सभी लोग दवाई जरूर खाए आप सभी लोग आज यहां दवाई खा रहे हैं तो अपने घर में अपनी माता पिता को भी दवाई खाने के लिए जरूर बताएं ।आज प्रमुख रूप से उपस्थित आर एम ए घिरघोली दानेश सिद्धकी ने बताया कि एक से दो वर्ष के बच्चों को डीईसी नहीं देना है केवल कृमि गोली देना है, 2 से 5 वर्ष के बच्चों एक_ एक गोली खिलाना है, 6 से 14 को दो गोली डीईसी एवं एक गोली कृमि वाला देना है, 15 से ऊपर तीन गोली डीईसी एवं कृमि नाशक एक गोली देना है। फाइलेरिया 10 से 15 साल बाद पता चलता है हाथ पांव में सूजन अंड कोश में सूजन हो जाता है,स्कूली बच्चों एवं उनके माता पिता को भी दवाई खिलाई गई मितानिन रूखमणी जंघेल,खिलेश्वरी मानिकपुरी, प्रधान पाठक तुलेश्वर कुमार सेन,सहायक शिक्षक गोकुल राम वर्मा, अनुसुइया बाई एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page