युवाओं की उम्मीदों का कत्ल करता मोदी सरकार का बजट : मेहुल सत्यवंशी

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार स्टेट रिपोर्टर छत्तीसगढ़
कवर्धा : केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर छात्र नेता मेहुल सत्यवंशी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की आम जनता के लिए नहीं, बल्कि सरकार के करीबी उद्योगपतियों और चंद खास लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से लाया गया है। बजट में युवा, बेरोजगार छात्र, किसान, मजदूर और महिलाओं के लिए किसी भी प्रकार की ठोस राहत या नई योजना नहीं दिखाई देती।
मेहुल सत्यवंशी ने कहा कि देश का युवा वर्ग आज गंभीर बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन बजट में न तो नए रोजगार सृजन की कोई ठोस योजना है और न ही सरकारी भर्तियों को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप सामने आया है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार बेरोजगार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह उदासीन है।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों पर चिंता जताते हुए कहा कि बजट में इन दोनों क्षेत्रों में लगातार कटौती की जा रही है। इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अस्पतालों पर पड़ेगा, जो पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि देश का युवा बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे।
छात्र नेता ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार इस बजट में किसानों को पूरी तरह निराश करने का काम कर रही है। समर्थन मूल्य, कर्ज माफी, सिंचाई व्यवस्था, खाद-बीज और डीजल पर सब्सिडी जैसे अहम मुद्दों पर बजट कमजोर साबित हुआ है। बढ़ती लागत और फसल के उचित दाम न मिलने से किसान परेशान हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया।
मेहुल सत्यवंशी ने यह भी कहा कि अधिकारी-कर्मचारी वर्ग और आम जनता के लिए भी इस बजट में कोई नई एवं प्रभावी योजना शामिल नहीं है। लगातार बढ़ती महंगाई के बावजूद वेतन, भत्तों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट विकास का नहीं, बल्कि जनता को गुमराह करने का बजट है। भाजपा सरकार हमेशा अमीरों के हित में काम करती है, न कि आम आदमी के लिए। कांग्रेस और छात्र संगठन इस जनविरोधी बजट का लगातार विरोध करेंगे और युवाओं व आम जनता की आवाज़ मजबूती से उठाते रहेंगे।
